मानवता की मिसाल: लाश ले जाने के लिए चंदा इकट्ठा कर परिवार को दिए पैसे

राजकोट (13 सितंबर): अभी तक आने दाना मांझी और कुछ दूसरी ऐसी खबरें देखी या पढ़ी होंगी जिसमें इंसान व्यवस्था को अपने कंधों पर लादे फिर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनने वाली नहीं। परन्तु एक ऐसी खबर गुजरात के राजकोट से आई है, जिसने यह दिखा दिया है कि आज भी इंसान के अंदर मानवता जिंदा है। यहां पर राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों ने मानवता का उत्तम उदाहरण पेश किया।

दरअसल दाहोद के मजदुर परिवार के 11 साल के बेटे की किसी कारण वश मौत हो गई। परिवार मजदूर था और उनके पास डेड बॉडी ले जाने के पैसे नहीं थे। परिवार के लोग करीब 6 घंटे लाश लेकर डिपो में बैठे रहे। ऐसे में यह बात जब ड्राइवरों और परिवहन कर्मचारियों को पता चली तो उन्होंने चंदा इकट्ठा करना शुरू कर दिया।

देखते ही देखते 10 इन लोगों ने हजार का चंदा एकत्रित करके मजदूर परिवार को दे दिया। इसके बाद परिवार को लाश लेकर रवाना किया गया, तब जाकर बालक का अंतिम संस्कार हुआ। एसटी विभाग के कर्मचारियों ने मानवता का उत्तम उदाहरण पेश करके यह दिखा दिया कि आज भी देश में इंसानियत जिंदा है।

वीडियो: [embed]https://www.youtube.com/watch?v=CojWPQNO7bs[/embed]