यूपी में नकलचियों ने तोड़ दिए नकल के पुराने रिकॉर्ड...

मनीष, लखनऊ (18 मार्च): यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन ही हिंदी के पेपर में जमकर नकल हुई। कहीं छात्र खुलेआम किताबें खोलकर पेपर दे रहे थे तो कहीं नकल रोकने के लिए तैनात टीचर खुद बोल बोलकर नकल करवा रहे थे। दसवीं और बारहवीं की परीक्षा के पहले दिन ऐसा लग रहा था, जैसे यूपी में नकल महोत्सव शुरू हो गया है।


मथुरा के 194 परीक्षा केंद्र की निगरानी के लिए 8 जोनल मजिस्ट्रेट, 27 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 100 स्टेटिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगी है, लेकिन नकल माफिया पर रोक लगाने में हर इंतजाम नाकाम है। पहले दिन इंटर की परीक्षा थी और बोरे भर-भरकर नकल का सामान बरामद हुआ।


चाहे मथुरा हो, बलिया हो या देवरिया नकल माफिया हर जगह एक्टिव है। एक सर्वे के मुताबिक यूपी बोर्ड की परीक्षा दे रहे 60% छात्र नकल माफिया के चंगुल में हैं। यूपी में नकल का कारोबार 100 अरब से ज्यादा का है। नकल खुलेआम हो रही है और पूरा सिस्टम नकल माफिया के सामने नतमस्तक है।


यूपी बोर्ड का हाईस्कूल रिजल्ट

2016 में 87.66 %

2015 में 85.37 %

2014 में 86.71 %

2013 में 86.63 %

2012 में 83.75 %