OMG! देश में हर घंटे 17 लोगों की जान इस वजह से जा रही है...

मनीष कुमार, नई दिल्ली (9 जून): ये खबर आपकी सुरक्षा से जुड़ी हुई। क्या आप सोचते हैं कि देश में सबसे ज्यादा बेगुनाहों की मौत का जिम्मेदार आतंकवाद है? या फिर किसी और तरह की हिंसा? अगर ऐसा आप सोचते हैं तो आज आपका भ्रम टूट जाएगा। क्योंकि देश में हर घंटे सत्रह लोगों की जान सड़क हादसे ले रहे हैं। रोज़ देश में चार सौ लोगों की मौत रोड एक्सीडेंट में हो रही है। ये डराने वाला आंकड़ा आज सरकार की तरफ से जारी किया गया है। 

कोई सत्ता के नशे में चूर होकर, कोई शराब के नशे में मस्त होकर। कोई अपने ही ख्यालों में गुम होकर, तो कोई लापरवाही की बेहोशी में रोज ऐसे सड़क हादसों को अंजाम देता है। इन्हीं हादसों से जुड़े ऐसे आंकड़े आज सामने आए हैं, जिन्हें आपके लिए जानना बहुत जरूरी है। किसी की चूक किसी बेगुनाह की जान ले लेती है। और पीछे छोड़ देती है एक पूरे परिवार को जिंदगी भर रोने के लिए। 

किसी की लापरवाही इतने बड़े हादसे को अंजाम देती है कि एक नहीं दो नहीं, दर्जनों जिंदगियां अचानक काल का शिकार हो जाती हैं। आतंकवाद की गोलियों और धमाकों ने जितने बेगुनाहों को इस देश में बेमौत नहीं मारा, उससे ज्यादा बड़ा आतंक तो देश में सड़क हादसों का है। यकीन नहीं आता है तो बस सांसें थाम कर इन आंकड़ों को देख लीजिए। 

देश में हर घंटे 57 जानलेवा सड़क हादसों में 17 लोगों जान गंवा देते हैं। देश में रोज़ 1374 हादसों में 400 लोग सड़क पर अपनी जान गंवा दे रहे हैं। रोड एक्सीडेंट में जान गंवाने वाला दुनिया का पहला देश है हिंदुस्तान। ये आंकड़े हवा-हवाई नहीं हैं। सड़क पर जिंदगी और मौत की सच्चाई का ये आंकड़ा खुद देश की सरकार में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिया है। जिन्होंने बताया है कि पिछले साल देश में 1 लाख 86 हजार 133 लोगों ने जान सड़क हादसों में गंवाई है। यानी रोज़ 500 लोगों की मौत पिछले साल रोड एक्सीडेंट में हुई है। 

देश की सरकार ने खुद बताया है कि सड़क हादसों में मरने वाले सबसे ज्यादा युवा होते हैं। 15 से 35 साल के वो नौजवान जिनके कंधों पर परिवार का भविष्य टिका होता है। सच्चाई है कि 2014 में जहां देश में 4 लाख 89 हजार रोड एक्सीडेंट हुए और 1 लाख 39 हजार लोगों की जान गई। वहीं पिछले साल 2015 में मौत का आंकड़ा बढ़कर 1 लाख 86 हजार 133 गया। 

सरकार ने देश में नेशनल हाइवे पर 726 ऐसे ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की है जहां सबसे ज्याद हादसे लोगों की जान लेते हैं। इस रिपोर्ट ने आपको अंदाजा करा दिया होगा कि कैसे किसी की जल्दबाजी, किसी की लापरवाही, किसी की रफ्तार का जूनून और किसी का नशा हमारी, आपकी, आपके अपनों की जिंदगी पर भारी पड़ता है। अब हम आपको बताते हैं कि देश में सड़क हादसों में कौन सा राज्य अव्वल है ? 

देश में 86 फीसदी हादसे अकेले 13 राज्यों में होते हैं। जिसमें पहले नंबर पर है तमिलनाडु। लेकिन सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मरने वालों की फेहरिस्त उत्तर प्रदेश से आती है। महानगरों की बात करें तो मुंबई में सबसे ज्यादा एक्सीडेंट होते हैं लेकिन जान सबसे ज्यादा दिल्ली में जाती है। 77 फीसदी हादसों की वजह ड्राइवर की गलती होती है।