रूस और यूरोप ने अंतरिक्ष में शुरू की एलियंस की खोज़

नई दिल्ली (11 मार्च): मंगल पर जीवन के ठोस सुबूत जुटाने और एलियंस के अस्तित्व को ढूढ़ने के लिये रूस और यूरोपीयन स्पेस एजेंसी का साझा अभियान शुरु हो रहा है।

इस अभियान को अंजाम तक पहुंचाने के लिये ट्रेस गैस ऑर्बिटर (टीजीओ) 14 मार्च को अपना सफर शुरु बैकानूर से शुरु करेगा। टीजीओ को मंगल तक पहुंचने में सात महीने का समय लगेगा।

यूरोप और रूस की स्पेस स्पेस एजेंसियां मानती हैं कि मीथेन गैस की मौजूदगी इस बात का पक्का संकेत है कि मंगल पर सक्रिय गतिविधियों के ताजा स्रोत हैं। इस मिशन में लगे एक साइंटिस्ट हॉकन स्वेदम का कहना  है कि टीजीओ का काम सिर्फ इसी बात की पक्की जानकारियां इकट्ठी करना है कि आखिर मंगल की सतह पर क्या हो रहा है।

उन्होंने कहा कि यह अब तक का पहला मिशन है जो पूरी तरह से इस बात पर ध्यान केंद्रित करेगा कि क्या मंगल पर कभी जीवन रहा था।