एपल पर 96,000 करोड़ का 'जुर्माना'

 

 

नई दिल्ली (31 अगस्त): आईफोन बनाने के लिए दुनिया भर में मशहूर कंपनी ऐपल को 13 अरब यूरो (करीब 96 हजार करोड़ रुपए) की टैक्स पेनाल्टी अदा करने का आदेश दिया गया है। यूरोपियन यूनियन ने इतनी बड़ी पेनाल्टी लगाई है।

यूरोपियन यूनियन ने मंगलवार को अपने एक आदेश में कहा कि एप्पल ने आयरलैंड में 11 साल तक बेहद कम टैक्स दिया।
ऐसा करना जायज नहीं था।
लिहाजा, उसे 13 अरब यूरो यानी करीब 96 हजार करोड़ रुपए देने होंगे।
कहा जा रहा है कि इसे पेनल्टी नहीं, बल्कि टैक्स रीपेमेंट माना जाए।
इस रिकॉर्ड जुर्माने के फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। 

- रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपियन यूनियन ने आयरलैंड में कंपनी की ओर से टैक्स न चुकाए जाने को अवैध करार दिया है।  - यूरोपियन कमिशन ने अपने फैसले में कहा कि दुनिया की सबसे अधिक वैल्यू वाली कंपनी आयरलैंड में हुए अरेंजमेंट के तहत टैक्स से बच गई, जो अवैध था। - कमिशन का यह फैसला कंपनी को परेशान कर सकता है।  - आयरलैंड की नीति अमेरिकी मल्टीनैशनल कंपनियों को टैक्स छूट देकर आकर्षित करने की रही है। - ईयू कंपीटिशन कमिश्नर मार्ग्रेथ वेस्टागर ने कहा, 'कमिशन की जांच में यह बात सामने आई है कि आयरलैंड ने कंपनी को अवैध टैक्स छूट देने का काम किया। इसके तहत उसे बीते कई सालों में अन्य कंपनियों के मुकाबले बेहद कम टैक्स दिया।' हालांकि एनालिस्ट्स का कहना है कि ऐपल पर जुर्माना नहीं लगा है, बल्कि यह टैक्स का रीपेमेंट है। - कमिश्नर ने कहा कि आयरलैंड में हुए इस तरह के अरेंजमेंट के चलते कंपनी ने 2003 में की गई अपनी कमाई का महज एक पर्सेंट टैक्स के तौर पर चुकाया। - जबकि 2014 तक यह 0.05 पर्सेंट हो चुका था।  - इस फैसले पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए आयरलैंड ने कहा है कि वह इसको चैलेंज करेगा। - माना जा रहा है कि ऐपल की ओर से भी इस फैसले को चुनौती दी जा सकती है।