ब्रिटेन के बिना EU की पहली बैठक, अमेरिका ने कहा शायद ब्रेक्ज़िट न हो

नई दिल्ली (30 जून): यूरोपीय नेताओं ने 40 साल में पहली बार बगैर ब्रिटेन के बैठक की ताकि 'ब्रेक्जिट' के बाद की स्थिति से उबरने की तैयारी की जा सके। पिछले हफ्ते हुए जनमत संग्रह के जोरदार झटके का जिक्र करते हुए ब्रसेल्स में स्कॉटिश प्रथम मंत्री निकोला स्टरजन ने कहा कि वह ईयू में स्कॉटलैंड को देखने के लिए पूरी  प्रतिबद्ध हैं। यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जीन क्लाउड जंकर ने कहा कि ब्रिटेन ने वही फैसला किया जो वो कर सकता था। ईयू अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने कहा कि उन्हें लगता है कि अगला कदम उठाने से पहले तूफान को शांत हो जाने देने की जरुरत है।

हालांकि जंकर ने चेतावनी दी कि आर्टिकल-50 ईयू से किसी देश को निकलने के लिए दो साल की अवधि निर्धारित है। लग्जमबर्ग के प्रधानमंत्री जेवियर बेटेल ने कहा कि ब्रिटेन के अलग होने के विरोध में हमें एक एकीकृत यूरोप की जरुरत है। कैमरन कल की बैठक के बाद लंदन लौट गए। इसी बीच अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन कैरी ने संभावना व्यक्त की है कि शायद जनमत के बावजूद शायद ब्रिटेन ईयू से अलग नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय से इस बात की पैरवी करता रहा है कि ब्रिटेन ईयू का सदस्य बना रहे। उन्होंने कहा कि अभी भी बहुत सारे रास्ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन के पास दो साल हैं इस बात पर फैसला करने के लिए कोई जल्दबाजी नहीं है।