VVIP फोन टैपिंग: PMO ने होम मिनिस्ट्री से मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली(19 जून): VVIP फोन टैपिंग मामले में पीएमओ ने होम मिनिस्ट्री से रिपोर्ट मांगी है। होम मिनिस्ट्री के मुताबिक मामले की जांच 10 दिन पहले ही शुरू कर दी गई है। जल्द ही इसे पीएमओ को सौंपा जाएगा।

बता दें की Essar ग्रुप पर कई VVIPs की फोन टैपिंग का आरोप लगा है। एक वकील ने सीधे नरेंद्र मोदी को भेजी शिकायत में कहा है कि ये फोन टैपिंग 2001 से 2006 के बीच की गई। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक  जिन लोगों के फोन टैप किए, उनमें मुकेश और अनिल अंबानी के अलावा सुरेश प्रभु, वाजपेयी के वक्त का पीएमओ स्टाफ, उनकी सरकार में मंत्री रहे प्रमोद महाजन और कई ब्यूरोक्रेट्स शामिल हैं। 

आरोप है कि इनमें से कुछ फोन टैपिंग टेलिकॉम लाइसेंसिंग के सिलसिले में हुई थी।  रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के वकील सुरेश उप्पल ने बीते 1 जून को इस बारे में 29 पेज की एक शिकायत पीएमओ को भेजी है।  सुरेश Essar के उस इम्प्लॉई के वकील हैं, जिस पर कथित तौर पर फोन टैपिंग का आरोप है।

शिकायत के मुताबिक, मौजूदा रेल मंत्री सुरेश प्रभु, पूर्व मंत्री प्रफुल्ल पटेल और राम नाइक, रिलायंस ग्रुप के मुकेश और अनिल अंबानी, अनिल की पत्नी टीना अंबानी और कई टॉप ब्यूरोक्रेट्स के फोन टैप किए गए थे। यही नहीं, प्रमोद महाजन (बीजेपी के दिवंगत नेता), अमर सिंह (सपा नेता), राजीव महर्षि (तब के होम सेक्रेटरी), पीपी. वोहरा (IDBI बैंक के पूर्व चेयरमैन), केवी. कामथ (IDBI बैंक के ही पूर्व सीईओ और एमडी) और इसी बैंक की पूर्व ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर ललिता गुप्ते शामिल हैं।

वाजपेयी सरकार के दौरान पीएमओ में सबसे ताकतवर अफसर माने जाने वाले ब्रजेश मिश्रा, एनके. सिंह, बीजेपी नेता किरीट सोमैया, जसवंत सिंह, पीयूष गोयल, सुधांशु मित्तल, सहारा ग्रुप के चीफ सुब्रत रॉय और अमिताभ बच्चन के नाम टैप हुई बातचीत में सामने आए थे।