मुंबई: पुलिस ने पकड़ा 2 हजार करोड़ का ड्रग्स, आधी दुनिया में फैला था नेटवर्क

ठाणे (17 अप्रैल): पार्टियों में, रईसजादों के घऱों में, रसूखदारों के पास, भटके हुए नौजवानों के बीच नशा सप्लाई करने वाले बड़े रैकेट को पुलिस ने बेनकाब किया है। जहरीले नशे की सबसे बड़े खेप को पुलिस ने जब्त कर लिया है, जिसकी बाजार में कीमत 2 हजार करोड़ से ज्यादा बताई गई है। 

ठाणे क्राइम ब्रांच ने देश में सबसे बड़ी ड्रग्स की खेप पकड़ने का दावा किया है। एफिड्रिन नाम के ड्रग्स को सोलापुर से जब्त किया गया है, जिसकी मात्रा एक दो किलो नहीं बल्कि एफिड्रिन नाम की इस नशीली पदार्थ का वजन 18 टन है। नशे के कारोबार के इस रैकेट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक नाइजीरियन सहिक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

भारत में अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स की खेप पकड़ी गई। नशे के कारोबार के एक ऐसे रैकेट का भांडाफोड़ हुआ जो पिछले कई सालों से देश और दुनिया के नौजवानों को खोखला कर रहा था। एक ऐसे रैकेट का पर्दाफाश हुआ जिसका नेटवर्क आधी दुनिया में फैला हुआ था। 2000 करोड़ की नशीली मौत के कारोबार का नेटवर्क गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, दुबई, पोलैंड, एम्स्टरडम, अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान तक फैला था।

देश में पार्टी हो या फिर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स की डिमांग ये रैकेट अपने गुर्गों के जरिए नशा सप्लाई करता था। बरामद हुए इस मादक पदार्थ का नाम एफिड्रिन है जिसका इस्तेमाल दवा में मिलाकर या फिर सीधे नशे के तौर पर किया जाता है। इसे बंद पड़े कंपनी के गोदाम में छिपा कर रखा गया था, जिसे एम्स्टरडम भेजने की तैयारी थी।

ठाणे की पुलिस लंबे अरसे से इस रैकेट को बेनकाब करने के पीछे लगी थी। नशे के कारोबार के इस रैकेट में एक नाइजीरियन भी शामिल था। नाइजीरियन की मदद से पुलिस को सोलापुर में बड़े  पैमाने पर ड्रग्स होने की खबर मिली। पुलिस जब बंद पड़े एव्होन लाईफ सायन्सेस लिमिटेड कंपनी पर रेड की तो हौरान रह गई। पुलिस ने सबसे पहले कंपनी के सीनियर प्रोड्कशन मैनेजर राजेंद्र डिमरी और धनेशवर स्वामी को गिरफ्तार किया। उसके बाद ड्रग्स के कारोबार से पर्दा उठने लगा। एक दो किलो नहीं बल्कि 18 टन एफिड्रिन नाम की नशीली पदार्थ का जखीरा बरामद हुआ।

पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरप्तार किया है और इस रैकेट से जुड़े इंटरनेशनल रैकेट को बेनकाब करने में जुट गई है। बता दें कि ठाणे से ठीक एक दिन पहले अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने भी शहर की एक फैक्ट्री से 270 करोड़ का प्रतिबंधित एफेड्रिन ड्रग्स बरामद किया था। नशे के कारोबार के इस रैकेट में पूर्व विधायक के बेटे का नाम भी सामने आया था।