बंदारू दत्तात्रेय ने कहा, ईपीएफओ मकान खरीदने में करेगा मदद

नई दिल्ली ( 9 अप्रैल ): केंद्रीय श्रममंत्री बंदारू दत्तात्रेय ने सोमवार को साफ किया कि सेवानिवृत्ति कोष निकाय (ईपीएफओ) मकान नहीं बनाएगा बल्कि वह चार करोड़ से अधिक सदस्यों की सहायता करेगा ताकि वे मकान खरीद सकें।


श्रम मंत्रालय की मंशा अगले दो सालों में कम से कम 10 लाख अंशधारकों को मकान खरीदने में सहायता पहुंचाना है। वह इसके लिए उन्हें अपने भविष्य निधि के 90 फीसदी हिस्से से शुरुआती राशि और बाद में गृह ऋण की ईएमआई का भुगतान करने की इजाजत देगा।

 

दत्तात्रेय ने कर्मचारी भवष्यि निधि संगठन द्वारा अपने अंशधारकों के लिए मकान बनाने के सवाल पर बताया कि आवास के सिलसिले में ईपीएफओ का मकानों के निर्माण से कोई लेना देना नहीं है। यह अंशधारकों की जिम्मेदारी है। सदस्यों को मकान खरीदने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 में हाल ही में किये गये संशोधन को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, योजना का लक्ष्य 2022 तक सभी के लिए मकान के प्रधानमंत्री के विजन को पूरा करना है। हमारे ईपीएफओ सदस्य इस योजना के लाभार्थी होंगे। 4.31 करोड़ ईपीएफओ अंशधारकों के लिए ग्रूप हाउसिंग सोसायटी के नियम बनाए गए हैं।