EPFO कर सकता है ब्याज दर में कटौती, ऐसे मिलेगा आपको फायदा

नई दिल्ली ( 11 नवंबर ): प्रॉविडेंट फंड सब्सक्राइबर्स को इस साल अपने रिटायरमेंट कोष पर कम ब्याज मिल सकता है। हालांकि उनके अंशदान को इक्विटीज में इन्वेस्टमेंट के बदले पहली बार उन्हें यूनिट्स मिल सकती हैं। ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड की मीटिंग 23 नवंबर को होनी है। इस दिन ट्रस्टीज ब्याज दर 8.5 फीसदी कर सकते हैं। पिछले साल यह ब्याज दर 8.65 फीसदी तय की गई थी।

इनको मिलाकर ओवरऑल रिटर्न पिछले साल के बराबर या उससे ज्यादा हो सकता है। ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक 23 नवंबर को होनी है। उसमें बोर्ड इस साल के लिए 8.5 पर्सेंट इंटरेस्ट रेट रखने पर विचार कर सकता है। वित्त वर्ष 2017 के लिए 8.65 पर्सेंट इंटरेस्ट रेट थी। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसके साथ ही बोर्ड निवेश के इक्विटी वाले कंपोनेंट के लिए ईपीएफओ यूनिटाइजेशन पॉलिसी को मंजूरी दे सकता है। ईपीएफओ के निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा सरकारी सिक्यॉरिटीज में जाता है, लेकिन उससे यील्ड में कमी आई है। साथ ही ब्याज दरों में सामान्य तौर पर कमी हुई है। इन दो वजहों से ईपीएफओ को ब्याज दर घटाने का निर्णय करना पड़ सकता है। 

खबरों के मुताबिक बॉन्ड्स और एफडी जैसे डेट मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स पर रिटर्न कम रहने के कारण ईपीएफओ घटती ब्याज दरों के माहौल में काम कर रहा है। उन्होंने कहा, 'ब्याज दर को मौजूदा स्तर पर रखना मुश्किल है क्योंकि नई सिक्यॉरिटीज कम दरों पर खरीदी जा रही हैं, जबकि 20 साल पुरानी सिक्यॉरिटीज मैच्योरिटी के करीब आ गई हैं।'