प्रदूषण: दिल्ली में 'गैर सीएनजी' गाड़ियों पर लगेगा बैन या लागू होगा 'ऑड-ईवन'

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 15 नवंबर ): दिवाली के बाद से ही प्रदूषण की मार झेल रही दिल्ली की हालत सुधर नहीं रही है। पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों के चलने पर कुछ समय तक रोक लगाई जा सकती है। इसमें टू-वीलर भी शामिल होंगे।जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर दिल्ली के लोगों को राहत देने के लिए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण एवं संरक्षण (EPCA) ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ईपीसीए का मानना है कि इस स्थिति से निपटने के लिए गैर सीएनजी वाहन बंद करना या फिर बिना किसी छूट के ऑड-इवेन लागू करना ही है।गौरतलब है कि दिल्ली में हल्की बारिश के बाद प्रदूषण थोड़ा कम हुआ है। अब EPCA ने सुझाव दिया है कि अगर प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ता है तो ऑड-ईवन स्कीम या फिर नॉन-सीएनजी प्राइवेट गाड़ियों पर पूरी तरह से बैन लगाया जाए। उधर, सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त EPCA ने सुझाव दिया है कि अगर शहर में प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ता है तो ऑड-इवेन स्कीम लागू की जाए या फिर नॉन-सीएनजी प्राइवेट गाड़ियों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया जाए। आपको बता दें कि पिछले एक सप्ताह से दिल्ली में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी का बना हुआ था।ईपीसीए के अध्यक्ष डॉ. भूरेलाल ने बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सदस्य सचिव प्रशांत गार्गवा को एक पत्र लिखा है। तीन पेज के इस पत्र में उन्होंने कहा है कि दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए इस समय सख्त उपाय किए जाने बहुत जरूरी है। इसलिए जल्द से जल्द सीपीसीबी टास्क फोर्स में यह निर्णय करे और ईपीसीए को इसके बारे में बताए।दरअसल, सीपीसीबी की टास्क फोर्स के सदस्य गैर सीएनजी गाड़ियों पर पूर्णतया रोक का निर्णय नहीं ले रहे हैं। टास्क फोर्स के कई सदस्य तो इस कदम को व्यवहारिक ही नहीं मान रहे। लेकिन, ईपीसीए अपने विचार पर अडिग है। इसीलिए सीपीसीबी को पत्र लिखा है।इस पत्र में भूरेलाल ने सभी पक्ष देते हुए कहा है कि भले हाल फिलहाल बारिश की वजह से प्रदूषण कुछ कम हो गया हो, लेकिन बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ती है और कोहरा बढ़ने के साथ स्मॉग भी बढ़ जाता है। इसलिए प्रदूषण से राहत के लिए कदम उठाना जरूरी है। उद्योगों, ट्रकों और निर्माण कार्यों पर अधिक समय तक रोक नहीं लगाई जा सकती। इससे बहुत से लोगों को काम मिलना भी बंद हो जाता है।