50 लाख लोगों से 7000 करोड़ की ठगी मामले में 6 डायरेक्टरों पर केस, EOW करेगी जांच

मुंबई(13 दिसंबर): पैनकार्ड क्लब्स (पीसीएल) केस की जांच इकनॉमिक ऑफेंसेज विंग करेगी। ये मामला मुंबई के सबसे धोखाधड़ी के मामलों में से एक है। मामला कथित तौर पर 50 लाख से ज्यादा निवेशकों के करीब 7,035 करोड़ रुपये ठगने का है।

इससे पहले, सिक्यॉरिटीज ऐंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने पीसीएल को अपनी प्रॉपर्टीज नहीं बेचने का निर्देश दिया था। इसने पीसीएल की संपत्तियां बेचकर निवेशकों के पैसे लौटाने के मकसद से बिक्री प्रक्रिया अपनाने के लिए रिटायर्ड जज आर एम लोढ़ा को नियुक्त किया था। 

- इकनॉमिक ऑफेंसेज विंग के ऑफिसर ने कहा कि एजेंसी ने इंडियन पीनल कोड (आईपीसी) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। साथ ही, पीसीएल और इसके छह डायरेक्टरों के खिलाफ महाराष्ट्र प्रॉटेक्शन ऑफ इंट्रेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स (एमपीआईडी) की धाराएं भी लगाई गई हैं। 

- एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'प्रभादेवी स्थित उनका हेड ऑफिस अब बंद कर दिया गया है।' दादर निवासी नरेंद्र वातौकर ने 10 दिसंबर को पीसीएल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। एक अधिकारी ने बताया, 'पीसीएल होटल में ठहरने की एक स्कीम लाया था। वह लोगों को मेंबरशिप देकर निवेश करने को कहता था। इसके लिए वह इन होटलों में हॉलिडे पैकेज ऑफर कर रहा था।' 

- जिन निवेशकों से बंपर रिटर्न्स के वादे किए गए थे, उन्हें हॉलिडे पैकेज नहीं मिले। ऐसे में एक इन्वेस्टर ने सेबी से शिकायत कर दी और मामले की जांच शुरू हो गई। जांच में पता चला कि कंपनी सामूहिक निवेश योजना (सीआईएस) चला रही थी जिसके लिए सेबी से अप्रूवल लेना जरूरी था, लेकिन डायरेक्टर्स ने अनुमति नहीं ली थी। जांच में खुलासा हुआ कि महज 1 प्रतिशत निवेशकों को ही वादे के अनुसार होटल स्टे की सुविधा दी गई थी। 

- पीसीएल में देश के विभिन्न हिस्से से लोगों ने निवेश किया है और इनमें ज्यादातर मध्यवर्गीय परिवारों से हैं। कंपनी निवेशकों के 7,000 करोड़ रुपये लौटाने के सेबी के निर्देशों का पालन करने में असफल रही जिसके बाद उसकी प्रॉपर्टीज अटैच करने का सिलसिला शुरू हो गया। सेबी पीसीएल की 34 संपत्तियों की कुर्की कर चुकी है। साथ ही उसने, कंपनी के 250 से ज्यादा बैंक खाते फ्रीज कर दिए। कुर्क की गई संपत्तियों में देशभर के लैंड पार्सल्स, रिजॉर्ट्स, बिल्डिंग्स और ऑफिस स्पेस शामिल हैं।