'इंग्लिश' के आए बुरे दिन, 'ब्रिटेन के अलग होने के बाद नहीं रहेगी EU की ऑफिशियल लैंग्वेज'

नई दिल्ली (28 जून): यूरोपियन यूनियन (ईयू) से ब्रिटेन के अलग होने पर इसकी आधिकारिक भाषा- 'इंग्लिश' के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। 28 देशों वाले ईयू में हुए इस अंतर्राष्ट्रीय परिवर्तन- 'ब्रेक्ज़िट' से इंग्लिश को भी एक झटका लगा है। ऐसा सामने आया है कि ब्रिटेन के अलावा ईयू के किसी और देश में प्राथमिक भाषा के तौर पर इंग्लिश रजिस्टर्ड नहीं है। अब जब ईयू के संस्थानों में इंग्लिश ही प्रयोग की भाषा रही है। लेकिन ब्रिटेन के इस यूनियन को छोड़ने को लेकर हुए जनमत संग्रह के बाद इंग्लिश के प्रयोग पर प्रतिबंध लागू हो सकता है।

अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रसेल्स में सोमवार को यूरोपीय संसद के पॉलिश सदस्य और संसद के संवैधानिक मामलों की समिति के प्रमुख दानुता हबनर ने बताया, "हमारे यहां एक नियम है जहां यूरोपियन यूनियन के हर देश के पास एक आधिकारिक भाषा को अधिसूचित (नोटिफाई) करने का अधिकार है। आइरिश ने गैलिक और मैल्टीज़ ने मैल्टीज़ को नोटिफाई किया है। ऐसे में केवल ब्रिटेन है जिसने इंग्लिश को नोटिफाई किया है।"

हबनर सदस्य देशों आयरलैंड और माल्ता में इंग्लिश के प्रयोग के संदर्भ में बोल रही थीं। द टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस हबनर ने कहा, "हालांकि, इंग्लिश प्रमुख भाषा रही है, जिसका ईयू के सिविल सर्वेंट्स और MEPs कानूनी शब्दों के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं। लेकिन अगर आपके साथ ब्रिटेन नहीं होगा, तो इंग्लिश भी नहीं होगी।"

ऐसे में इंग्लिश को प्रयोग में लाए रखने के लिए नियमों को बदलना होगा। इसके लिए बचे हुए 27 सदस्य देशों के वोट की जरूरत होगी। ईयू में दैनिक कामकाज के लिए 24 आधिकारिक भाषाएं हैं, यूरोपियन कमिशन और मंत्रि परिषद इंग्लिश, फ्रेंच और जर्मन का इस्तेमाल करते हैं।

हालांकि, इंग्लिश सबसे ज्यादा लोकप्रिय विदेशी भाषा है। लेकिन 5 यूरोपीय देशों और फ्रांस के राजनेताओं ने ऐसी आवाज उठाई है। कि ब्रेक्ज़िट वोट के साथ इसका प्रभुत्व खत्म होना चाहिए। वहीं, जर्मन्स, फ्रेंच के इस्तेमाल करने से कतरा रहे हैं।

जर्मन ईयू कमिश्नर, गंटर ऑटिंगर से जब पूछा गया कि क्या स्कॉटलैंड अलग से शामिल हो सकता है, और क्या ये प्राथमिक भाषा के तौर पर अंग्रेजी के लिए अप्लाई कर सकता है। इसपर उन्होंने कहा, "हमारे पास कई सदस्य देश हैं जो इंग्लिश बोलते हैं। इंग्लिश दुनिया की भाषा है जिसे हम स्वीकार करते हैं। ईयू के दस्तावेज और कानूनी लिखित सामग्री को सभी 24 आधिकारिक भाषाओं में अनुवाद किया गया है। अगर इंग्लिश अपना दर्जा खोती, तो ब्रिटन्स को खुद ही अनुवाद करना होता।"