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अब मेडिकल के छात्र हिंग्लिश में भी दे सकते हैं परीक्षा

मध्यप्रदेश में मेडिकल की परीक्षा देने वाले उन छात्रों के लिए खुशखबरी है जो अंग्रेजी में परीक्षा देना कठनि समझते हैं। प्रदेश की मेडिकल यूनिवर्सिटी ने परीक्षा में लैग्वेंज ऑप्शन में अंग्रेजी के साथ-साथ अब हिंदी और हिंग्लिश को भी मान्य कर दिया है। यानी अब मेडिकल स्टूडेंट हिंग्लिश (हिंदी इंग्लिश मिक्स) में भी परीक्षा दे सकते हैं।

नई दिल्ली ( 31 मई ): मध्यप्रदेश में मेडिकल की परीक्षा देने वाले उन छात्रों के लिए खुशखबरी है जो अंग्रेजी में परीक्षा देना कठनि समझते हैं। प्रदेश की मेडिकल यूनिवर्सिटी ने परीक्षा में लैग्वेंज ऑप्शन में अंग्रेजी के साथ-साथ अब हिंदी और हिंग्लिश को भी मान्य कर दिया है। यानी अब मेडिकल स्टूडेंट हिंग्लिश (हिंदी इंग्लिश मिक्स) में भी परीक्षा दे सकते हैं। बता दें कि अब तक मध्य प्रदेश ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां मेडिकल छात्रों को परीक्षा में इंग्लिश के साथ हिंदी का विकल्प भी दिया गया है।द टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक मध्य प्रदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी ने 26 मई को एक आदेश जारी किया है। इसमें पूर्व के एक आदेश में संशोधन किया गया है जिसके जरिए बच्चों को परीक्षा देने के लिए हिंदी या अंग्रेजी में किसी विकल्प को चुनने की सुविधा दी गई थी. अब नए आदेश में कहा गया है, विस्तृत विचार-विमर्श के बाद तय किया गया है कि यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त सभी आयुर्वेदिक, होम्योपैथी कॉलेजों के बच्चे हिंदी, अंग्रेजी के अलावा इसके मिले-जुले भाषाई प्रारूप का भी परीक्षा देने के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे। यह सुविधा यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त एमबीबीएस, नर्सिंग, डेंटल, यूनानी, योग और नैचुरोपैथी कॉलेज के बच्चों को भी दी जा रही है।आदेश के मुताबिक हिंग्लिश के विकल्प की सुविधा मौखिक और व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) परीक्षा में भी मिलेगी। यानी हिंदी भाषा के साथ परीक्षा देने वाले बच्चों को अगर किसी तकनीकी या वैज्ञानिक शब्द विशेष का हिंदी में विकल्प नहीं मिल रहा है या वे उस विकल्प का हिंदी में इस्तेमाल करने में खुद को सहज नहीं महसूस कर रहे हैं तो उसे अंग्रेजी में लिखा या बोला जा सकता है। अगर उन्होंने परीक्षा में तकनीकी-वैज्ञानिक तौर पर सही शब्द का इस्तेमाल किया है तो महज भाषा के आधार पर (यानी हिंदी में परीक्षा देने वाले बच्चों ने अंग्रेजी में लिख दिया तो) उनके नंबर भी नहीं काटे जाएंगे। यह आदेश यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉक्टर आरएस शर्मा ने जारी किया है।

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