ENGvsAUS: ऑस्ट्रेलिया की हार का सिलसिला जारी, चौथे वनडे में भी इंग्लैंड ने दी मात

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जून): ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का हार का सिलसिला बरकरार है। पांच वनडे मैचों की सीरीज के चौथे मैच में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को छह विकेट करारी शिकस्त दी है इस जीत के साथ ही मेजबान टीम ने मेहमानों पर 4-0 की अजेय बढ़त बना ली है।  इस मैच में एक बार फिर से दोनों टीम की ओर से रनों की बरसात देखने को मिली। इस मुकाबले में तीन बल्लेबाजों ने शतक जमाए तो वहीं तीन बल्लेबाजों ने अर्धशतक भी लगाए। 

इंग्लैंड के खिलाफ चौथे वनडे में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया ने एरोन फिंच और शॉन मार्श के शतकों की बदौलत पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 310 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।  इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने सधी शुरुआत की और मैच पर शुरू से ही अपनी पकड़ बनाए रखी जिसका नतीजा इस चौथे मैच भी उन्हें जीत के रूप में हासिल हुआ

311 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम ने बेहतरीन शुरुआत की,  इनफॉर्म बल्लेबाज जेसन रॉय और जॉनी बेयरस्टो ने पहले विकेट के लिए 23.4 ओवर में 174 रन जोड़ जोड़कर टीम के जीत की आधारशिला तैयार कर दी। इंग्लैंड को पहला झटका बेयरिस्टो के रूप में लगा वो 66 गेंद पर 79 रन बनाकर आउट हुए। रॉय 83 गेंद पर 101 रन बनाए। हेल्स ने 45 गेंद पर 34 रन और जो रूट ने 35 गेंद पर 27 रनों का योगदान दिया। हेल्स  और विकेट कीपर बल्लेबाज जोस बटलर नाबाद रहे। बटलर ने 29 गेंद पर 54 रनों की धाकड़ पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई। 

ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले ही पांच मैचों की वनडे सीरीज 0-3 से गंवा चुकी है। इंग्लैंड की ओर से डेविड विली ने सात ओवर में 43 रन देकर सबसे ज्यादा चार विकेट चटकाए। खबर लिखे जाने तक इंग्लैंड ने 31 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 206 रन बना लिए थे। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी रही। 

सलामी बल्लेबाज फिंच (100) और ट्रेविस हेड (69) ने पहले विकेट के लिए 101 रन की साझेदारी की। हेड को आदिल राशिद ने विली के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद मार्श (101) और फिंच ने मोर्चा संभाला और दूसरे विकेट के लिए 124 रन की साझेदारी कर डाली। इस बीच फिंच को मार्क वुड ने एलबीडब्ल्यू कर दिया। हालांकि इसके बाद कोई बड़ी साझेदारी नहीं होने के कारण ऑस्ट्रेलिया की टीम मुश्किल में फंस गई और कोई भी बल्लेबाज आखिर में अच्छा स्कोर नहीं बना पाए।