पत्राचार से की गई इंजिनियरिंग की डिग्री फर्जी घोषित

नई दिल्ली (4 नंवबर ): डीम्ड यूनिवर्सिटीज से पिछले 16 साल में पत्राचार से इंजिनियरिंग की डिग्री हासिल करने वाले हजारों छात्रों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। शुक्रवार को अपने फैसले में कोर्ट ने इन डिग्रियों को अमान्य घोषित कर दिया है। इसके बाद इन सर्टिफिकेट्स के दम पर नौकरी हासिल करने वालों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।  जस्टिस एके गोयलऔर यूयू ललित की बेंच ने पाया कि यूनिवर्सिटी ग्रांड कमीशन (यूजीसी) और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेकनिकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने इंजिनियरिंग की पढ़ाई के लिए पत्राचार की पढ़ाई को मान्यता नहीं दी थी। इसके अलावा डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिल द्वारा ऐसे कोर्सेज को दी गई मान्यता गैरकानूनी थी।