पीएफ के ब्याज को घटाने के मूड में सरकार

नई दिल्ली (11 सितंबर): अगर आपका पीएफ कटता है तो यह खबर आपके लिए बहुत बड़ी हो सकती है, क्योंकि अब आपको अपनी जमा राशि पर 8.6 पर्सेंट के ब्याज से ही संतोष करना पड़ सकता है।

केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय के सुझाव को मानते ही ब्याज दर में कटौती का फैसला लिया है। वित्त वर्ष 2015-16 में श्रम मंत्रालय ने खाताधारकों को 8.8 पर्सेंट की दर से ब्याज का भुगतान किया था, जबकि वित्त मंत्रालय ने इसे कम करते हुए 8.7 पर्सेंट करने का ही सुझाव दिया था।

इस मसले की जानकारी रखने के लिए एक सूत्र ने बताया, 'वित्त मंत्रालय की ओर से लेबर मिनिस्ट्री से कहा गया है कि वह ईपीएफ की ब्याज दर को उसके द्वारा संचालित अन्य बचत योजनाओं के समकक्ष ही रखे। दोनों मंत्रालयों के बीच इस साल पीएफ की ब्याज दर को कम करते हुए 8.6 पर्सेंट करने पर सहमति बनी है।'

सूत्र ने बताया कि ईपीएफओ ने मौजूदा वित्त वर्ष में होने वाली आय का अब तक कोई अनुमान नहीं लगाया है। ईपीएफ का सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज आय के अनुमान के आधार पर ही ब्याज दरों का निर्धारण करने का काम करता है। यह बोर्ड ही वित्त वर्ष में जमा राशि पर ब्याज दर तय करता है, जिसे इसकी फाइनैंस ऐंड इनवेस्टमेंट एडवायजरी बॉडी द्वारा मंजूरी दी जाती है।