इमरजेंसी के बहाने मोदी-शाह का कांग्रेस पर वार, ममता बोलीं- पिछले 5 साल से देश में सुपर इमरजेंसी

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (25 जून): आज से ठीक 44 साल पहले 25 जून 1975 को भारत में आपातकाल लागू हुआ था। आज उस दिन की बरसी है, ऐसे में हर नेता उस दौर को याद कर रहा है। इमरजेंसी के बहाने पीएम मोदी और अमित शाह ने कांग्रेस पर वार किया है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो क्लिप डालकर इमरजेंसी को याद किया। पीएम मोदी ने लिखा 'भारत उन सभी महानुभवों को सलाम करता है जिन्होंने आपातकाल का विरोध किया। भारत का लोकतांत्रिक लोकाचार एक तानाशाह मानसिकता पर हावी रहा।'

गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा कि आज ही के दिन राजनीतिक हितों के लिए लोकतंत्र की हत्या कर दी गई। अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा '1975 में आज ही के दिन मात्र अपने राजनीतिक हितों के लिए देश के लोकतंत्र की हत्या की गयी। देशवासियों से उनके मूलभूत अधिकार छीन लिए गए, अखबारों पर ताले लगा दिए गए। लाखों राष्ट्रभक्तों ने लोकतंत्र को पुनर्स्थापित करने के लिए अनेकों यातनाएं सहीं। मैं उन सभी सेनानियों को नमन करता हूं।'

वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इमरजेंसी के बहाने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। ममता बनर्जी ने इमर्जेंसी के 44वीं वर्षगांठ पर आज एकबार फिर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा। ममता ने ट्वीट करते हुए लिखा कि पिछले 5 साल के दौरान देश एक 'सुपर इमर्जेंसी' से गुजरा है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि आज इमरजेंसी की बरसी है लेकिन पिछले पांच साल में देश में सुपर इमरजेंसी लागू हो गई है, पिछले पांच साल में भारत में सुपर इमरजेंसी के हालात हैं। हमें इतिहास से काफी कुछ सीखना चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थानों की रक्षा करने के लिए लड़ते रहना चाहिए ।

उधर, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर आपातकाल की घटना को याद किया। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, 'आज के ही दिन 44 साल पहले देश की तत्कालीन पीएम ने लोकतंत्र पर इमर्जेंसी के रूप में बड़ा हमला किया था। हमें यह प्रण करना चाहिए कि इस महान लोकतंत्र के संविधान को कमजोर करने की दोबारा इस तरह की घटना नहीं हो।'

आपको बता दें कि, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1975 में आज ही के दिन आपातकाल लगाया था जो 21 मार्च 1977 तक प्रभावी रहा था। आज ही के दिन साल 1975 में देश में इमरजेंसी लागू हुई थी। 25 जून, 1975 को लगा आपातकाल 21 महीनों तक यानी 21 मार्च, 1977 तक देश पर थोपा गया था।