अब नहीं आएगा बिजली का बिल, मोदी सरकार करेगी ये काम

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (26 दिसंबर): लोगों को बिजली के बिल से राहत दिलाने के लिए मोदी सरकार अगले साल एक बड़ी योजना बनाने जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, सरकार अगले साल यानि अप्रैल 2019 से स्मार्ट प्रीपेड मीटर आपके घर में लगाने जा रही है। बिजली मंत्रालय ने फैसला किया है कि अगले तीन सालों में वो देशभर में बिजली के सभी मीटरों को स्मार्ट प्रीपेड में बदलेगी।

बिजली मंत्रालय के इस फैसले का मकसद बिजली के ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन में होने वाले नुकसान में कमी लाना है। साथ ही इससे वितरण कंपनियों की स्थिति बेहतर होगी और ऊर्जा संरक्षण को प्रोत्साहन मिलेगा। कागजी बिल की व्यवस्था खत्म होने के साथ बिल भुगतान में भी आसानी होगी। सरकार के मुताबिक, स्मार्ट मीटर गरीबों के हित में है, क्योंकि ग्राहकों को पूरे महीने का बिल एक बार में देने की जरूरत नहीं होगी। इसके बजाए वे अपनी जरूरतों के अनुसार बिल का भुगतान कर सकते हैं। इतना ही नहीं बड़े पैमाने पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर के विनिर्माण से युवाओं के लिए रोजगार भी पैदा होंगे।

आपको बता दें राज्य सरकारों ने सभी के लिए बिजली दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं और अपने ग्राहकों को सातों दिन 24 घंटे बिजली देने पर सहमति जताई थी। इसके तहत वितरण लाइसेंस में एक अप्रैल 2019 या उससे पहले से ग्राहकों को सातों दिन 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का प्रावधान होगा।

स्मार्ट मीटर ऐसे करेगा काम

सभी स्मार्ट मीटर को बिजली निगम में बने कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। कर्मचारी स्काडा सॉफ्टवेयर के जरिए कंट्रोल रूम से ही मीटर रीडिंग नोट कर सकेंगे। इसके साथ ही अगर कोई मीटर के साथ छेड़छाड़ करता है तो उसका संकेत कंट्रोल रूम में मिलेगा। अगर कोई उपभोक्ता समय पर बिजली बिल नहीं भरता, तो कंट्रोल रूम से ही उसका मीटर कनेक्शन भी काटा जा सकेगा। इसके लिए उपभोक्ताओं के घर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।