चुनाव आयोग ने तय की रैलियों के खर्चे की रेट लिस्ट

नई दिल्ली (7 फरवरी): अभी तक उम्मीदवार धड़ल्ले से पैसा खर्च करते थे और चुनाव आयोग को इसकी जानकारी नहीं होती थी, लेकिन इस बार चुनाव आयोग ने ऐसे उम्मीदवारों के रास्ते में कांटे बोए हैं। इलेक्शन में उम्मीदवारों के ताम-झाम को देखते हुए चुनाव आयोग ने एक बड़ा फैसला लिया है। चुनाव में पैसे का बेजा इस्तेमाल रोकने के लिए चुनाव आयोग ने रैलियों की रेट लिस्ट तय कर दी है।

अब उम्मीदवारों का खर्चा इसी रेट लिस्ट के हिसाब से तय किया जाएगा...

रैली का सामान                        कीमत

फूलों की माला                       80 रुपए

चाय                                    5 रुपए

समोसा                                 5 रुपए

थाली                                  150 रुपए

टोपी                                   10 रुपए

गमछा                                  30 रुपए

बैनर                                    75 रुपए

झंडा                                    60 रुपए

चुनाव आयोग ने ये भी निर्देश दिया है कि एक उम्मीदवार अपने विधासनभा क्षेत्र में 28 लाख रुपए से ज्यादा खर्च नहीं कर सकता। कई नेता चुनाव आयोग के इस फैसले से हिल गए हैं। सबकी जुबान पर एक ही सवाल है, भला ये कैसे मुमकिन हो सकता है।

चुनाव आयोग ने खर्च पर डंडा चलाया तो धंधा कुछ छोटे लोगों का भी कम हो गया। रैलियों के समय फूल मालाओं की बिक्री करने वाले दुकानदार भी इस फैसले से परेशान हैं। चुनाव आयोग ने छोटी-मोटी चीजो के ही रेट तय नहीं किए। हैलीपैड, स्टेज, होर्डिंग्स, बैंकट हॉल, का भी रेट तय किया गया है। इनके साइज के हिसाब से खर्च तय होगा।

चुनाव आयोग ने रेट तो तय कर दिया, लेकिन दुनिया जानती है कि चुनाव आयोग डाल-डाल तो चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार पात-पात। खर्चे पर लगाम लगाने के लिए फैसले पहले भी कई बार हुए लेकिन चुनाव आयोग की इस लगाम को उम्मीदवारों ने अपने हिसाब से ढीला कर दिया।