राहुल गांधी को बड़ी राहत, चुनाव आयोग ने जारी नोटिस लिया वापस

नई दिल्ली (18 दिसंबर): राहुल गांधी को चुनाव आयोग से बड़ी राहत मिली है। चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन को लेकर 13 दिसम्बर को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को रविवार रात वापस ले लिया। आयोग ने कहा कि उस प्रावधान की समीक्षा की जा रही है जिसके तहत उन्हें यह नोटिस दिया गया था।  नोटिस वापस लेते हुए आयोग ने कहा, ‘‘आयोग की राय है कि डिजीटल और इलैक्ट्रॉनिक मीडिया के कई गुना विस्तार के कारण वर्तमान आदर्श आचार संहिता और जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 126 तथा अन्य संबंधित प्रावधानों की समीक्षा की जरूरत है ताकि इसे वर्तमान की जरूरतों एवं चुनौतियों तथा भविष्य की स्थितियों से निपटने में सक्षम बनाया जा सके।’’ चुनाव निकाय को शिकायत मिली थी कि मतदान से 48 घंटे पूर्व प्रचार अभियान समाप्त होने का प्रावधान सूचना प्रौद्योगिकी के युग में कारगर नहीं रह गया है। इसके बाद आयोग ने प्रावधान में संशोधन को लेकर सुझाव देने के लिए एक समिति के गठन का निर्णय किया है।

कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर पूछा की क्या राहुल गांधी को यह नोटिस इसलिए दिया की ताकि टीवी पर उनका इंटरव्य़ू रोका जा सके? इसके अलावा क्या यह प्रधान मंत्री और मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का समर्थन है?

कांग्रेस नेता और महिला मोर्चा की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा, 'चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्थान है। यह किसी पर निर्भर नहीं है। लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया की हत्या की जा रही है। यह आश्चर्यजनक है क्योंकि हमने उन्हें प्रथम दृष्टया सबूत दिया, जिसमें मोदी जी रोड शो कर रहे हैं। क्यों उनके खिलाफ कोई नोटिस नहीं जारी किया गया।'