चुनाव आयोग का केंद्र सरकार को प्रस्ताव, वोटर्स को घूस देने पर चुनाव अमान्य हो

नई दिल्ली(6 दिसंबर): चुनाव के समय काले धन के इस्तेमाल और कई गैरकानूनी गतिविधोयों को खत्म करने की कोशिश में चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार को नए प्रस्ताव भेजे हैं। चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार से प्रस्ताव में राजनीतिक दलों द्वारा वोटर्स को रिझाने की कोशिश में उन्हें रिश्वत देने जैसे मामलों में चुनाव आयोग को वोटिंग अमान्य घोषित करने की मांग की है। 

- इस विषय पर चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने 3 नवंबर को  ‘नेशनल इंटरेक्टिव कॉन्फ्रेंस ऑफ इलेक्टोरल लॉ’ को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। 

- उन्होंने यह भी कहा कि आयोग के विधि शोधार्थी कानूनी विशेषज्ञों और संस्थानों के साथ मिलकर जनप्रतिनिधि कानून की विस्तृत समीक्षा की जरूरत पर गौर करने के लिए काम कर रहे हैं।

- नसीम जैदी ने यह भी कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करना और  स्वच्छ चुनावी प्रक्रिया को बनाए रखना ही चुनाव आयोग का उद्देशय है। “इलेक्टोरल रिफोर्म्स” को जैदी ने स्वच्छ चुनावी प्रक्रिया के क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव सुधार एक अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र है जिस पर बहुत व्यवस्थित तरीके से गौर करने की जरूरत है। हम कानून बनाने के लिए समय समय पर आयोग द्वारा सुधार संबंधी 47 प्रस्तावों को भेजकर खुश हैं।’’ इन प्रस्तावों में राजनीति में आपराधिकरण को खत्म करने, काले धन के इस्तेमाल को समाप्त करने, राजनीतिक दलों की फंडिंग को पारदर्शी बनाने, पेड न्यूज को आपराधिक श्रेणी में डालने और वोटों के लिए

- मतदाताओं को रिश्वत देने जैसे मामलों को आपराधिक श्रेणी में डालने की मांग की है। इसके अलावा चुनाव आयोग ने रिश्वतखोरी, पैसे के गलत इस्तेमाल और बूथ कैप्चरिंग जैसे मामले पाए जाने पर चुनावों को अमान्य घोषित करने की पावर्स की भी मांग की है।