अब निर्वाचन आयोग ने मांगी 'आजादी'

नई दिल्ली (14 दिसंबर): देश में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को चलाने वाले निर्वाचन आयोग ने सरकार और राजनैतिक दलों के दबाव तथा दखल से आजादी की मांग की है। आयोग ने सरकार से कहा है कि उसके लिए सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, कैग और राज्यसभा-लोकसभा की तरह अलग सचिवालय बनाया जाए। साथ ही उसे नियम बनाने की शक्ति भी दी जाए।

चुनाव आयोग ने इस संबंध में सरकार को सिफारिशें भेजी हैं जिन्हें कानून मंत्रालय देख रहा है। आयोग ने कहा कि निर्वाचन आयोग तीन सदस्यीय होता है लेकिन सिर्फ मुख्य निर्वाचन आयुक्त को ही सुप्रीम कोर्ट के जज की तरह से महाभियोग के जरिये हटाया जा सकता है। शेष दो आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की सिफारिश पर हटाया जाने का प्रावधान है। आयोग ने कहा कि यह गलत है। दोनों आयुक्त मुख्य आयुक्त को सलाह देने के लिए नहीं होते वे उसके बराबर होते हैं। संविधान में स्वायत्तता सिर्फ मुख्य निर्वाचन आयुक्त के लिए ही नहीं बल्कि पूरे आयोग के लिए सोची गई है। विधि आयोग की रिपोर्ट में भी तीनों आयुक्तों को एक समान दर्जा देने के लिए अनुच्छेद 324(5) को संशोधित करने की मांग की है।आयोग ने बजट के मामले में भी स्वायत्तता मांगी है। आयोग ने कहा कि आयोग को सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट, कैग तथा यूपीएससी की तरह से अलग बजट दिया जाए।