जानिए कौन हैं वाराणसी में PM मोदी के खिलाफ कांग्रेस के टिकट पर लड़ने वाले अजय राय ?

न्यूज 24 ब्यूरो नई दिल्ली (25 अप्रैल): वाराणसी सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस के उम्मीदवार पर जारी संशय खत्म हो गया है। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर पीएम मोदी का मुकाबला प्रियंका गांधी से नहीं बल्कि अजय राय से होगा। कांग्रेस ने गोरखपुर और वाराणसी सीट के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। वाराणसी के लिए उसने अजय राय और गोरखपुर सीट के लिए मधुसूदन तिवारी के नाम की घोषणा की। इसके साथ ही वाराणसी सीट के लिए प्रियंका गांधी की उम्मीदवारी पर जारी अकटलें खत्म हो गईं। पिछले लोकसभा चुनाव में अजय राय कांग्रेस के उम्मीदवार थे और इस सीट पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा।  वाराणसी सीट पर अपने उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस ने लंबे समय से सस्पेंस बनाकर रखा था। कांग्रेस से जुड़े सूत्र भी यह कहते आ रहे थे कि पार्टी इस सीट पर पीएम मोदी के मुकाबले प्रियंका गांधी को अपना उम्मीदवार बना सकती है। प्रियंका ने खुद कभी वाराणसी से चुनाव लड़ने की संभावनाओं को पूरी तरह से खारिज नहीं किया। इससे यही संदेश गया कि पार्टी देर-सबेर प्रियंका को पीएम मोदी के मुकाबले खड़ा कर सकती है। लेकिन अजय राय के नाम की घोषणा के साथ ही प्रियंका के नाम पर जारी अटकलें समाप्त हो गईं।

खास बात है कि अजय राय ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत बीजेपी से की थी। शुरुआत में अजय राय बीजेपी की यूथ विंग के सदस्य थे। 1996 में अजय बीजेपी के टिकट पर वाराणसी की कोलसला विधासनभा सीट से चुनाव लड़े। उन्होंने नौ बार के सीपीआई विधायक उदल को हराया था। 2002 और 2007 का भी चुनाव अजय राय बीजेपी के टिकट पर इसी विधानसभा क्षेत्र से लड़े और जीते। 2009 में अजय राय बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। 2009 का चुनाव अजय राय सपा के टिकट पर वाराणसी से लड़े और तीसरे नंबर पर रहे। इसके बाद अजय राय ने सपा छोड़ दी और अपनी पारंपरिक सीट कोलासला से विधानसभा का उपचुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा। यह चुनाव अजय राय जीत गए। इसके बाद अजय राय कांग्रेस में शामिल हो गए और 2012 का विधानसभा चुनाव पिंडरा सीट से कांग्रेस के टिकट पर लड़ा और जीता।2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने वाराणसी सीट पर उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में राय को हार का सामना करना पड़ा। पिछले लोकसभा चुनाव में वाराणसी सीट पर भाजपा से नरेंद्र मोदी, आम आदमी पार्टी से अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस से अजय राय चुनाव मैदान में थे। इस चुनाव में नरेंद्र मोदी ने अरविंद केजरीवाल को हराया था। इस सीट पर मोदी को 5,81,022 हजार वोट जबकि केजरीवाल को 2,09,238 मिले। इस चुनाव में अजय राय तीसरे स्थान पर आए थे और उन्हें 75614 हजार वोट मिले। चौथे स्थान पर बसपा के विजय प्रकाश जायसवाल आए और उन्हें 60579 वोट मिले।उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए इस बार सपा-बसपा और रालोद का गठबंधन है। वाराणसी सीट सपा के खाते में गई है और उसने इस सीट पर शालिनी यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है। शालिनी अभी तक वाराणसी नहीं पहुंची हैं। कांग्रेस के उम्मीदवार घोषणा होने के साथ ही इस संसदीय क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला होना तय हो गया है।