1 दिन में ही विधवा हुईं 7 महिलाएं, 29 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

नई दिल्ली(9 जुलाई): हरियाणा के मारौत गांव के पास शुक्रवार की रात ट्रक और कार की टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई। हादसे में मारे गए सात लोग एक ही परिवार के थे। इस हादसे के बाद एक साथ 29 बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। मारे गए सातों लोगों का दादरी के महराणा में अंतिम संस्कार किया गया।

- मृतक के परिजनों ने बताया कि हादसे के शिकार हुए लोगों के कारण परिवार में बड़ी हानि हुई है। एक साथ सात महिलाएं विधवा हो गई है।

- मृतक रघुवीर सिंह को छोड़ दिया जाए तो बाकी सात मृतकों की उम्र 20 से 40 साल के बीच है। मृतक रघुवीर चार संतानों के पिता थे। जबकि बीरबल उर्फ डाकू चार, रामू के 5, भागीरथ के 4, राजू 5, जगदीश एक, राजू के 5 व सुखवेंद्र ड्राइवर के दो बच्चे हैं। सभी पशु खरीदने व बेचने का व्यापार करते थे।

- गांव महराणा में बंजारा बस्ती निवासी लोगों ने बताया कि पशु व्यापारी मृतक बीरबल ने 15 दिन पहले ही अपने बेटे कालू की शादी तय की थी।

- 10 दिन पूर्व ही बीरबल अपनी पत्नी के साथ मिलकर राजस्थान में बेटे के लिए दुल्हन देखने गया था जहां उन्होंने सगाई की सभी रस्में भी अदा की थी।

- बीरबल ने शादी के लिए समय भी निकलवाया था जिसमें शादी दिवाली पर होनी तय की गई थी।

- झज्जर में सात शवों के पोस्टमार्टम की कार्रवाई सुबह साढ़े आठ बजे शुरू हो गई थी। एक ही डॉक्टर ने लगातार काम किया और इस प्रकार से करीब एक बजे तक सभी शवों के पोस्टमार्टम किए गए। इस प्रकार से इस कार्रवाई में साढ़े पांच घंटे लगे।

- पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर भूपेश ने बताया कि शनिवार को एक साथ सात लोगों के पोस्टमार्टम करने पड़े, यह काफी दुखद था।