Karnataka Paper Leak Case: कक्षा 10वीं प्रश्न पत्र लीक मामले में शिक्षक और पत्रकार समेत 10 गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

एसएसएलसी परीक्षा परिणाम घोषित करने के कुछ दिनों बाद, रामनगर जिले के मगदी पुलिस स्टेशन में एक पुलिस शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें कहा गया है कि एसएसएलसी विज्ञान प्रश्न पत्र केम्पेगौड़ा स्कूल, रामनगर के शिक्षकों द्वारा 11 अप्रैल को परीक्षा के दौरान लीक किया गया था।

Karnataka Paper Leak Case: कक्षा 10वीं प्रश्न पत्र लीक मामले में शिक्षक और पत्रकार समेत 10 गिरफ्तार, जानें पूरा मामला
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Karnataka Question Paper Leak Case: एसएसएलसी परीक्षा परिणाम घोषित करने के कुछ दिनों बाद, रामनगर जिले के मगदी पुलिस स्टेशन में एक पुलिस शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें कहा गया है कि एसएसएलसी विज्ञान प्रश्न पत्र केम्पेगौड़ा स्कूल, रामनगर के शिक्षकों द्वारा 11 अप्रैल को परीक्षा के दौरान लीक किया गया था। एसएसएलसी परीक्षा 28 मार्च से 11 अप्रैल के बीच हुई थी।


दसवीं कक्षा की परीक्षा के पर्चे लीक होने के मामले में पुलिस ने प्रदेश के रामनगर जिले के मगादी तालुक में चार शिक्षकों, एक पत्रकार एवं एक स्कूल के प्राचार्य समेत सात लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन लोगों को अलग-अलग स्कूलों(Karnataka Question Paper Leak) से हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि ये परीक्षायें मार्च एवं अप्रैल में हुयी थीं जबकि नतीजों की घोषणा हाल ही में हुयी है। यह बात भी हाल ही में सामने आयी कि कई स्थानों पर परीक्षा के पर्चे लीक (Question Paper Leak) हुये थे। पुलिस ने मामले में एक स्कूल के प्राचार्य से सख्ती से पूछताछ की तो उसने इसका खुलासा किया. उसके बयान के आधार पर मामले में 6 और लोगों को हिरासत में लिया गया है जिनमें से कुछ की शीघ्र ही गिरफ्तारी हो सकती है।


व्हाट्सएप पर पहले ही शेयर किया गया था प्रश्न पत्र

ऐसा माना जा रहा है कि शिक्षकों को ये प्रश्न पत्र कम से कम 15 मिनट पहले मिले और उन लोगों ने इन पर्चों को व्हाट्सएप के माध्यम से अपने नेटवर्क में साझा किया। हिरासत में लिये गये लोगों ने पुलिस को बताया कि इसके तुरंत बाद पर्चों में दिए गए प्रश्नों के उत्तर तैयार कर छात्रों को इससे अवगत करा दिया गया। उन्होंने पुलिस को बताया कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी छात्र परीक्षा में असफल न हो।


बड़ी संख्या में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए छात्र

सूत्रों ने बताया कि बड़ी संख्या में छात्र प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए और कुछ को विभिन्न विषयों में विशेष योग्यता प्राप्त हुई। इसी तरह के परीक्षा परिणाम प्राप्त करने वाले कुछ अन्य स्कूलों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि अगर स्कूल के प्राचार्य ने शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर प्रश्न पत्र साझा किया होता तो मामला सामने नहीं आता।


जब तक उसे अपनी भूल का अहसास हुआ, तब तक कुछ लोगों ने इसे डाउनलोड कर लिया और प्राचार्य को कथित तौर पर ब्लैकमेल किया। सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिये गये एक पत्रकार ने भी प्राचार्य को कथित तौर पर ब्लैकमेल किया और पर्चा लीक होने के लिए उससे जबरन वसूली की थी।




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