पु्र्तगाल को मिला नया स्टार, किया देश का सपना पूरा

नई दिल्ली(11 जुलाई): यूरो कप के फाइनल में पुर्तगाल ने फ्रांस को हराकर टाइटल अपने नाम कर लिया। कल देर रात पुर्तगाल के खिलाड़ी के एक किक ने उसे हीरो बना दिया। ये खिलाड़ी हैं 28 वर्षीय एडर लोपेस। अब तक वो क्लब फुटबॉल में फ्रांस के एक क्लब लिले ओएससी से खेलते थे जहां उन्होंने नाम तो कमाया पर इतना नहीं कि कुछ ऐतिहासिक हो जाए। हालांकि कल रात को यूरो कप फाइनल में कुछ ऐसा ही हुआ।

पुर्तगाल के कोच ने रेनोटो सांचेस को बाहर बुलाया और उनकी जगह बेंच पर बैठे एडर को मैदान में भेजा। उस दौरान दोनों टीमों में कड़ा संघर्ष चल रहा था। मैच के निर्धारित 90 मिनट में खेल 0-0 से बराबर रहा और मैच एक्स्ट्रा टाइम में चला गया। एक्स्ट्रा टाइम का पहला हाफ भी सूखा रहा लेकिन एक्स्ट्रा टाइम के दूसरे हाफ के शुरू होते ही चार मिनट के अंदर 109वें मिनट में एडर ने वो कर दिखाया जिसकी शायद ही किसी को उम्मीद थी। एडर ने बॉक्स के बाहर से तकरीबन 30 मीटर की दूरी से शानदार ग्राउंड किक लगाई जिसने पुर्तगाल को 1-0 से आगे किया और पुर्तगाल ने अंत में इसी स्कोर के साथ मैच और खिताब जीता।

22 दिसंबर 1987 को कुल चार लाख की आबादी वाले छोटे से देश गिनी-बिसाऊ में जन्में एडर ने छोटी सी उम्र में ही फुटबॉल खेलना शुरू कर दिया था। फुटबॉल को लेकर वो इतना जुनूनी थे कि 11 साल की उम्र में अपना देश छोड़कर पुर्तगाल आ गए क्योंकि वहां उम्मीदें बेहतर थीं। पहले जिला स्तर पर खेले, फिर दो अलग-अलग छोटे क्लबों से सीनियर स्तर पर पहचान बनाई और आगे बढ़ते रहे। कई सालों तक संघर्ष किया लेकिन असल मंच 2012 में मिला जब उन्होंने ब्रागा क्लब से खेलना शुरू किया और फिर बाद में स्वेनसी सिटी और लिले से जुड़कर फ्रेंच लीग फुटबॉल में जगह बनाई। 2012 में ही उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। उन्होंने कल रात फाइनल से पहले पुर्तगाल के लिए 30 मैचों में 4 गोल ही किए थे लेकिन उनका पांचवां गोल ऐतिहासिक साबित हो गया।