नोटबंदी के दौरान 258 किलो सोना खरीदने वाले कारोबारी को जेल

मुंबई (26 सितंबर): नोटबंदी के दौरान 500 और 1000 के पुराने नोटों के जरिए अवैध तरीके से 258 किलो सोना खरीदने वाले जिस बुलियन कारोबारी चंद्रकांत पटेल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इससे पहले कोर्ट ने उसे 26 सितंबर तक के लिए ईडी की हिरासत में भेजा था। ED के मुताबिक झवेरी बाजार स्थित मैसर्स पुष्पक बुलियंस प्रा.लि. का मालिक चंद्रकांत नरसीदास पटेल मनी लॉन्ड्रिंग का पक्का खिलाड़ी है। ED का कहना है कि नोट बंदी के बाद दो कंपनियों मैसर्स पीयू गोल्ड और मैसर्स सतनाम ज्वैर्ल्स के खातों में 85 करोड़ रुपये जमा कराए गए। इतनी बड़ी राशि केवल नवंबर और दिसंबर' 16 में जमा कराई गई जो नोट बंदी का दौर था। बाद में यह राशि पुष्पक बुलियंस के खातों में ट्रांसफर कर दी गई और इससे सोने की बड़ी खरीददारी की गई। 

गौरतलब है कि इस साल मार्च में सीबीआई ने इसी मामले में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और अन्य के विरुद्ध एक एफआईआर दर्ज की थी, क्योंकि नोटबंदी के बाद घोषित मानकों का उल्लंघन कर 85 करोड़ रुपये अपनी बैंक शाखा में जमा कर लिए थे। सीबीआई ने यह मामला आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप में दर्ज किया था। इस एफआईआर में बैंक के उप महाप्रबंधक अशोक कुमार धाबहाई और सहायक महाप्रबंधक के शिवशंकर राव का नाम दर्ज है। एफआईआर में पुष्पक बुलियन के साथ-साथ पीयू गोल्ड के राकेश पटेल, सतनाम ज्वैलर्स के मयूर दीपक चावला और पुष्पक बुलियन के निदेशक अमीत संपत का भी नाम था।

इस मामले CBI ने भी आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के तहत मामला दर्ज किया था।  एफआईआर में पुष्पक बुलियन के साथ-साथ पीयू गोल्ड ,और सतनाम ज्वैलर्स के मालिकों का नाम था, सीबीआई एफआईआर के अनुसार 15 नवंबर से 26 दिसंबर' 2016 के बीच झवेरी बाजार में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में दो प्राइवेट फर्मों के बैंक खातों में 47.45 करोड़ और 37.15 करोड़ रुपये जमा हुए और बाद में पुष्पक बुलियन के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इसका खाता भी बैंक की इसी शाखा में था आज पीएमएलए स्पेशल कोर्ट ने चंद्रकांत पटेल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।