ईडी की बड़ी कार्रवाई: 25 बैंकों को 2600 करोड़ का चूना लगाने वाला गिरफ्तार

नई दिल्ली ( 3 मई ): प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 25 बैंकों से 2600 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड केस में शामिल होने के आरोप में मुंबई की एक फर्म के निदेशक को गिरफ्तार किया है। देश में बैंक धोखाधड़ी का यह सबसे बड़ा मामला बताया जा रहा है। ईडी को उसकी काफी समय से तलाश थी।


ईडी अधिकारियों के अनुसार, ' ईडी ने मंगलवार देर रात प्रिवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत मुंबई में विजय एम चौधरी को गिरफ्तार किया, जो जूम डिवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर है। ईडी का आरोप है कि चौधरी ने अपने या अपने सहयोगियों के नाम से 485 कंपनियां खोली हुई हैं। उसे मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।'


ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर चौधरी पर पीएमएलए के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है। ईडी का आरोप है कि चौधरी ने कथित तौर पर अपने या अपने सहयोगियों के नाम से 485 कंपनियां खोल रखी हैं और उसे इस जालसाजी मामले का मास्टरमाइंड बताया गया है। ईडी ने इस मामले में अभी तक 130 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।


उधर चौधरी को मुंबई से लाकर इंदौर की अदालत में पेश किया गया, जहां एक विशेष अदालत ने उसे 13 मई तक पूछताछ के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। विशेष न्यायाधीश कमल जोशी ने करीब तीन घंटे तक दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद ईडी का आग्रह स्वीकार करते हुए जूम डिवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और कंपनी के मुख्य कर्ताधर्ता चौधरी (59) को 13 मई की दोपहर 12 बजे तक जांच एजेंसी की हिरासत में भेज दिया। चौधरी को अदालत का समय खत्म होने से ऐन पहले तकरीबन शाम पांच बजे विशेष न्यायाधीश के सामने पेश किया गया था।