टाटा को झटका, एयरएशिया के खिलाफ ED ने FEMA के तहत दर्ज किया केस

नई दिल्ली ( 7 दिसंबर ): टाटा संस और मलेशिया की एयरलाइन एयरएशिया बेरहद का इंडियन वेंचर एयरएशिया मुश्किल में फंस सकता है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 22 करोड़ के कथित फ्रॉड ट्रांजैक्शन की जांच के लिए एयरएशिया के खिलाफ फेमा का केस दर्ज किया है। ईडी ने टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री के इससे संबंधित आरोप पर कार्रवाई की है। साथ ही एयरलाइन के अधिकारियों को समन भी भेजा गया है।

टाटा समूह के हटाए गए चेयरमैन साइरस मिस्त्री ने भारत और सिंगापुर में छद्म इकाइयों के जरिये एयर एशिया एयरलाइंस में 22 करोड़ रपये के धोखाधड़ी के लेनदेन का आरोप लगाया था। ईडी ने एयरलाइन के अधिकारियों और कुछ अन्य को समन जारी कर संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा है। निदेशालय ने निर्देश दिया है कि विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून (फेमा) के तहत दर्ज मामले में उसकी जांच के सिलसिले में अगले सप्ताह जांचकर्ताओं के समक्ष मामले को स्पष्ट किया जाए।

जांच में सिंगापुर की कंपनी को 22 करोड़ रपये में से 12 करोड़ रपये के लेनदेन को देखा जाए। ईडी अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी पहले इन हाउस फॉरेंसिक जांच के दस्तावेजांे तथा निष्कर्षों को देखेगी, जैसा कि मिस्त्री ने दावा किया है। मिस्त्री ने अक्तूबर में टाटा समूह के एयर एशिया के साथ संयुक्त उद्यम में नैतिकता की चिंता जताते हुए दावा किया था कि फॉरेंसिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि भारत और सिंगापुर में ऐसी इकाइयों के साथ 22 करोड़ रपये का धोखाधड़ी का लेनदेन किया गया है, जो वास्तव में हैं ही नहीं।

मिस्त्री और रतन टाटा के बीच जारी वाकयुद्ध में मिस्त्री ने आरोप आरोप लगाया कि टाटा के विमानन क्षेत्र के प्रति लगाव की वजह से टाटा संस के बोर्ड ने विमानन क्षेत्र में शुरआती प्रतिबद्धता के विभिन्न स्तरों पर पूंजी निवेश बढ़ाया है। मिस्त्री को 24 अक्तूबर को टाटा संस के चेयरमैन पद से हटाया गया था। इसके एक दिन बाद टाटा संस के बोर्ड के सदस्यों को लिखे पत्र में मिस्त्री ने कहा था कि बोर्ड के सदस्यों तथा न्यासियों को इस बात की जानकारी है कि एयर एशिया के संदर्भ में नैतिकता की चिंता जताई गई है।