सहकारी बैंकों पर भी ED की नजर, डॉर्मेंट और लोन अकाउंट्स का मांगा ब्यौरा

नई दिल्ली (20 दिसंबर): नोटबंदी के बाद जहां देशभर में कैश की भारी किल्लत है, वहीं इसके 42वें दिन भी कालेधन के कुबेर अपनी काली कमाई को ब्लैक से व्हाइट करने के फिराक में लगे हैं। भारी तादाद में 500-1000 के नोटों के साथ-साथ नए नोट भी जब्त किए जा रहे हैं।

बैंककर्मियों की मिलीभगत से भारी तादाद में कालेधन के नटवरलाल अपनी काली कमाई को व्हाइट भी कर चुके हैं। वहीं इन नटवरलाल और बैंककर्मियों पर सरकार, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, ईडी, सीबीआई समेत अन्य ऐजेसिंयों की इन पर कड़ी नजर है। कालेधन के कुबरों के साथ-साथ बैंक और बैंककर्मियों पर इन ऐजेंसियों की नजर है और इनकी जांच भी की जा रही है। इसी कड़ी में ईडी ने देश के तमाम सहकारी बैंकों से डॉर्मेंट अकाउंट के साथ-साथ लोन अकाउंट्स का ब्यौरा मांगा है।

आशंका जताई जा रही है कि कालेधन के कुबरों ने सहकारी बैंकों के जरिए भी अपने काली कमाई को सफेद किया है। लिहाजा ईडी की नजर नोटबंदी के बाद सहकारी बैंकों पर भी है।