जेटली बोले-पार्टियां चाहे तो 2000 का चंदा हो सकता है बंद

नई दिल्ली (10 फरवरी): बजट में राजनैतिक पार्टियों को 2000 रुपये चंदा वाले कानून पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि यह कदम हमारा नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग के सुझाव पर किया गया है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि अगर राजनैतिक पार्टियां चाहे तो यह 2000 रुपये की राशि भी चंदे के रूप में जो दी जाती है, वह बंद की जा सकती है। 

वित्त मंत्री ने कहा कि इसपर बाद में वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान बात की जा सकती है। इसमें और सुधार की संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि चैक से या डिजिटल तरीके से छोटे-छोटे चंदों से व्यवस्था पारदर्शी होगी। बजट में बैंकों से बांड लेकर राजनीतिक चंदे के प्रावधान के संबंध में उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में बैंक कानून के तहत दानदाता का उल्लेख नहीं कर सकते, यह गुप्त रहेगा और राजनीतिक दलों का चंदा भी वैध होगा।

जेटली ने कहा कि आदर्श व्यवस्था तो यह है कि देने वाले और लेने वाले का ब्योरा सार्वजनिक हो, लेकिन विभिन्न कारणों से लोग चंदा देते समय अपना ब्योरा सार्वजनिक नहीं करना चाहते। सरकारी खर्च पर चुनाव करवाने के तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों के विचार पर जेटली ने कहा कि इस बारे में बाद में चर्चा की जा सकती है। गैर निष्पादित आस्तियों अर्थात एनपीए के संबंध में जेटली ने कहा कि ज्यादातार एनपीए बड़ी कंपनियों के हैं जो संप्रग की देन हैं और हमें विरासत में मिले हैं। हम उनपर ब्याज अदा कर रहे हैं।