कंगाली की ओर पाकिस्तान, इमरान के इस कदम से सड़कों पर जनता उतरने को मजबूर

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 जून):   पाकिस्तान के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं, ताजा मामला ये है कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की सरकार ने हाल ही में अपना बजट पेश कर दिया है। इस बजट में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की शर्तों की झलक साफतौर पर देखने को मिल रही है। 

पाकिस्तान सरकार ने बजट में कई नए टैक्स लगा दिए हैं, इसके अलावा ऐसी कई कड़ी नीतियां भी बनाई हैं, जिसकी वजह से महंगाई में भारी बढ़ोतरी हो सकती है, जानकारों की मानें तो भविष्य में पाकिस्तान की अर्थव्यस्था की रफ्तार सुस्त रहने की आशंका है।

पाकिस्तानियों के लोगों की बढ़ सकती है मुसीबत

पाकिस्तान सरकार के इस कदम के बाद वहां के नागरिकों के लिए आने वाला समय काफी चुनौतीपूर्ण और मुश्किलों से भरा रहने की आशंका है। मंगलवार को पाकिस्तान के वित्त मंत्री हमाद अजहर ने आगामी वित्त वर्ष के लिए 5.55 ट्रिलियन रुपये (36.5 अरब डॉलर) कर राजस्व का लक्ष्य घोषित किया है, जो कि पिछले साल के मुकाबले 30 फीसदी अधिक है। बता दें कि मौजूदा समय में 21 करोड़ की आबादी में महज 20 लाख लोग आयकर रिटर्न जमा करते हैं।

इनकम टैक्स की दर को बढ़ाया

सरकार ने इनकम टैक्स की दर को 25 फीसदी से बढ़ाकर 35 फीसदी कर दिया है, वहीं टैक्स स्लैब में भी बढ़ोतरी कर दी है। नए नियमों के तहत सैलरी क्लास को 50 हजार रुपये की मंथली इनकम और नॉन सैलरी क्लास को 33,333 रुपये की मासिक आय पर टैक्स भरना पड़ेगा।टैक्स स्लैब में भारी बढ़ोतरी

मांस, चिकन, पकी और अधपकी चीजों पर 17 फीसदी तक सेल्स टैक्स लगेगा, सरकार घी और खाद्य तेल पर 1 रुपये प्रति किलो के टैक्स को खत्म कर 17 फीसदी एक्साइज ड्यूटी लगाएगी। मुर्गी पालन पर 17 फीसदी टैक्स और शुगर टैक्स दोगुना किया जाएगा. सरकार ने तंबाकू पर ड्यूटी को बढ़ा दिया है, बजट में मोटर साइकिल, कारें खरीदना महंगा हो गया है। सीएनजी पर टैक्स भी बढ़ाने का प्रस्ताव है. पाकिस्तान सरकार ने 6 लाख तक की सालाना आय वाले वेतनभोगियों के लिए 5 फीसदी से लेकर 35 फीसदी तक के 11 टैक्स स्लैब बनाए हैं।