सरकार ने गिनाएं नोटबंदी से होने वाले फायदे

नई दिल्ली (31 जनवरी): वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 का आर्थिक सर्वे सदन के पटल पर रखा, जिसमें उन्होंने नोटबंदी के बाद होने वाले असर भी गिनाए। सरकार का कहना है कि नोटबंदी से भले ही अभी कोई ज्यादा लाभ नहीं दिख रहा हो, लेकिन इसके दीर्घकालिक परिणाम होंगे। 

सरकार ने अनुमान लगाया है कि इन क्षेत्रों में लंबे समय के बाद नोटबंदी का असर देखने को मिलेगा।

विमुद्रीकरण का असर

क्षेत्र

असर

दिसम्बर के आखिर तक असर 

संभावित दीर्घकालिक असर

नकदी/ब्याज दरेंनकदी में भारी   कमी देखी गईनकदी का प्रवाह बढ़ेगा, लेकिननिम्‍न स्‍तर पर ही  रहेगा।
बैंक जमा राशि में अत्‍यंत ज्‍यादा वृद्धि दर्ज कीगई          जमा राशि में कमी आएगी,लेकिन संभवत: अपेक्षाकृतथोड़े उच्‍च स्‍तर पर स्थिरहोगी    
आरबीआई की बैलेंस शीट कमोबेश यथावत रही, करेंसीनोटों की वापसी से केन्‍द्रीय बैंक की नकदी संबंधीदेनदारियां घट गईं, लेकिन वाणिज्यिक बैंकों के पासइसकी जमा संबंधी देनदारियां बढ़ गईंबकाया नोटों के विमोचन कीतय समय सीमा के बादआरबीआई की बैलेंस शीट काआकार घट  जाएगा
जमा राशियों, ऋणों और सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्‍याजदरें घट गईं, नकदी पर अंतर्निहित दर बढ़ गईऋणों की ब्‍याज दरें और भीकम हो सकती हैं, बशर्ते किजमा राशि में हुई वृद्धि टिकाऊसाबित हो
वित्तीय प्रणालीमें बचतबढ़ गईजिस हद तक नकदी-जमाअनुपात स्‍थायी रूप से कमहोगा, उसी के अनुरूप वृद्धिहोगी
भ्रष्टाचार(‍निहित अवैधगतिविधियां) इनमें कमी आ सकती है,बशर्ते कि अनुपालन के लिएदिये जाने वाले प्रोत्‍साहनों मेंऔर ज्‍यादा वृद्धि हो
अघोषित आय/काला धन(निहितगतिविधि अवैधहो भी सकती हैऔर नहीं भी होसकती है)काले धन का स्टॉक घट गया, क्‍योंकि काला धन रखनेवाले कुछ लोग कर दायरे में आ गएऔपचारिक व्‍यवस्‍था में लानेसे अघोषित आय का प्रवाहघट जाना चाहिए
निजी संपत्तिनिजी क्षेत्र की संपत्ति घट गई, क्‍योंकि उच्‍च मूल्‍य वालेकुछ नोट वापस नहीं किये गए और अचल संपत्ति कीकीमतें घट गईंसंपत्ति में और भी कमी होसकती है, बशर्ते कि अचलसंपत्ति की कीमतों में कमी कारुख बरकरार रहे