'महिला सैनिकों के पति नाम सर्विस मतादाता की सूची में शामिल हो'

नई दिल्ली (14 सितंबर): निर्वाचन आयोग ने सरकार से जन प्रतिनिधित्व एक्ट में संशोधन की मांग की है। निर्वाचन आयोग ने यह मांग इसलिए की है ताकि सुरक्षाबलों में तैनात महिलाओं के पतियों को भी सर्विस मतदाता का अधिकार हासिल हो। अभी तक जन प्रतिनिधित्व एक्ट में सर्विस मतादाता की पत्नी को भी सर्विस मतदाता माना जाता है। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आरपी एक्ट में पत्नी शब्द की जगह 'जीवन साथी' परिवर्तित कर दिया जाये। जिससे महिला हो या पुरुष दोनों को सर्विस मतदाता का लाभ मिल सके।