EVM विवाद पर चुनाव आयोग आहत, मांगा अवमानना की कार्रवाई का अधिकार

नई दिल्ली (12 जून): इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विवाद के बाद चुनाव आयोग अपनी छवि को लेकर चिंतत है। साथ ही चुनाव आयोग अपनी छवि खराब होने और झूठे आरोप लगने की वजह से खफा नजर आ रहा है। खबर है कि अब आयोग भी अदालतों की तरह अवमानना की कार्रवाई का अधिकार चाहता है।


चुनाव आयोग ने केंद्रीय कानून मंत्रालय को पत्र लिख अवमानना की कार्रवाई के अधिकार की मांग की है, ताकि आधारहीन आरोपों के खिलाफ ऐक्शन लिया जा सके।


एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने अदालत की अवमानना अधिनियम 1971 में संशोधन की मांग की है। इस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चुनाव आयोग इस अधिनियम में ऐसे प्रावधान जुड़वाना चाहता है, ताकि उसकी अवमानना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सके। रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने करीब एक महीने पहले यह खत लिखा है।


फिलहाल केंद्रीय कानून मंत्रालय चुनाव आयोग के खत पर विचार कर रहा है। आयोग ने अपने खत में पाकिस्तान के चुनाव आयोग समेत दूसरे देशों का भी उदाहरण दिया है। इलेक्शन कमीशन ऑफ पाकिस्तान (ECP) के पास अधिकार हैं कि वह उसकी छवि खराब करने वालों के खिलाफ अवमानना का केस चला सकता है।


इस साल ECP ने अपनी इस ताकत का इस्तेमाल करते हुए इमरान खान को नोटिस भी भेजा है। इमरान खान ने अपने देश के चुनाव आयोग पर विदेशी फंडिंग के मामले में पक्षपात करने का आरोप लगाया था। भारत के चुनाव आयोग ने ईवीएम पर विपक्षी दलों की तरफ से उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में इस तरह की मांग की है।


फरवरी में पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों में बीजेपी के शानदार प्रदर्शन के बाद विपक्षी दल ईवीएम में छेड़छाड़ के मुद्दे को लेकर हमलावर हैं। खासकर आम आदमी पार्टी लगातार चुनाव आयोग पर निशाना साध रही है। AAP ने दिल्ली विधानसभा में ईवीएम हैक करने का लाइव डेमो भी दिया था। हालांकि चुनाव आयोग ने भी पार्टियों की चुनौती को स्वीकार करते हुए ईवीएम हैक करने का दावा साबित करने को सर्वदलीय आमंत्रण बैठा था, लेकिन AAP समेत अन्य राजनीतिक दल पहुंचे ही नहीं।