भारतीय चुनावी इतिहास में जो पहले कभी नहीं हुआ, वो आज हुआ

नई दिल्ली (28 मई) :  जी हां, चुनाव आयोग ने आज वो फैसला किया जो भारत के चुनावी इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था। तमिलनाडु में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धनराशि का इस्तेमाल किए जाने के सबूत मिलने के बाद आज अधिसूचना रद्द करके राज्य विधानसभा की दो सीटों के लिए 'उचित समय में' ताजा चुनाव कराने का निर्णय किया। बता दें कि चुनाव आयोग ने अरावकुरिचि और तंजावुर विधानसभा सीटों के लिए चुनाव दो मौकों पर उम्मीदवारों और राजनीतिक पार्टियों द्वारा मतदाताओं को बड़े पैमाने पर धनराशि एवं उपहार वितरित करने की सूचना पर स्थगित किया था। शुरू में मतदान 16 मई से 23 मई के लिए स्थगित किया गया था। 21 मई को चुनाव आयोग ने मतदान एक बार फिर 13 जून के लिए स्थगित करने का निर्णय किया। तमिलनाडु में 16 मई को विधानसभा चुनाव हुआ था जब अन्नाद्रमुक लगातार दूसरी बार सत्ता में आयी। आयोग ने कहा कि उसने यह निर्णय पर्यवेक्षकों, केंद्रीय पर्यवेक्षकों, अरावकुरिचि और तंजावुर विधानसभा क्षेत्रों के पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के प्रतिनिधित्व के बाद किया।

एक अधिकारी ने आयोग के आदेश को उद्धृत करते हुए कहा, ‘‘आयोग इससे संतुष्ट है कि दो विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया उम्मीदवारों एवं राजनीतिक दलों द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धनराशि एवं अन्य उपहार पेशकश किये जाने के चलते दूषित हो गयी है और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इसे रद्द होना चाहिए जिससे इन दो विधानसभा सीटों पर तब ताजा चुनाव नये सिरे से कराये जा सकें जब उचित समय बाद मुक्त एवं स्वतंत्र चुनाव कराने के लिए माहौल अनुकूल बन जाए।"