बालासाहेब ने ईवीएम का विरोध किया था, बैलट पेपर लोकतंत्र के लिए बेहतर: शिवसेना


नई दिल्ली(12 मई): केंद्रीय चुनाव आयोग ने ईवीएम पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर आज सर्वदलीय बैठक बुलाई। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी के उद्घाटन संबोधन के साथ बैठक शुरू हुई। इस बैठक में सभी 7 राष्ट्रीय और 35/48 राज्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस सर्वदलीय बैठक से पहले शिवसेना नेता अनिल देसाई ने कहा कि जब ईवीएम को लाया गया तभी बालासाहेब ठाकरे ने कहा था कि इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। बैलट पेपर के इस्तेमाल से वोटों की गिनती मे समय लग सकता है। इससे परिणाम आने में एक से दो दिनों तक का वक्‍त लग सकता है, लेकिन यह तरीका लोकतंत्र के लिए बेहतर रहेगा।


- केंद्रीय चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बैठक के दौरान प्रेजेंटेशन दी, जिसमें ईवीएम की सुरक्षा से जुड़ी बातों के बारे में बताया गया। दरअसल, कुछ राजनीति दलों का कहना है कि ईवीएम की बड़ी आसानी से टेंपरिंग की जा सकती है।


- बता दें कि अब तक कांग्रेस वोटर वेरिफायेबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) आधारित व्यवस्था की मांग कर रही थी और यह व्यवस्था लागू होने तक मतपत्र से चुनाव करवाने को कह रही थी। लेकिन दो दिन पहले दिल्ली विधानसभा में आप के एक विधायक की ओर से ईवीएम मशीन में छेड़-छाड़ के तरीके का डेमो दिए जाने के बाद इस व्यवस्था को ले कर इन्होंने भी रुख सख्त कर लिया है।


- उधर आम आदमी पार्टी (आप) ने ईवीएम से छेड़छाड़ की जांच के लिए सर्वदलीय समिति गठित करने की मांग की है। पार्टी की ओर से विधायक सौरभ भारद्वाज ही आयोग की बुलाई बैठक में हिस्सा लेंगे। भारद्वाज ने ही विधानसभा में डेमो दिया था। हालांकि वे अपने साथ वह अपने ओर से बनाई गई वह ईवीएम लेकर नहीं जाएंगे, जिसे उन्होंने विधानसभा में पेश किया था।