EC ने ज्योतिषियों के चुनाव नतीजों की भविष्यवाणी करने पर लगाई रोक

नई दिल्ली ( 30 मार्च ): चुनाव आयोग ने ज्योतिषी, टैरो कार्ड रीडर्स या फिर राजनीतिक पंडित की ओर से भविष्यवाणी करने और अनुमान जताने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। आयोग ने कहा कि ज्योतिषी, कार्ड या किसी एक्सपर्ट की मदद से भी प्रतिबंधित समय में चुनाव परिणाम के बारे में संकेत देना या बताना उल्लंघन के दायरे में आता है।


आयोग ने गुरुवार को निर्देश जारी करते हुए कि 5 राज्यों के चुनाव के दौरान इस मानक का उल्लंघन किया गया है और भविष्य में अगर दोबारा ऐसा होता है तो फिर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


गौरतलब है कि आयोग की गाइडलाइंस के मुताबिक चुनाव समाप्ति के बाद ही किसी एग्जिट पोल का प्रसारण हो सकता है। वोटिंग के 72 घंटे पहले ऑपिनियन पोल पर भी रोक लग जाती है।


चुनाव आयोग ने गुरुवार को कहा कि जब एग्जिट पोलों के नतीजों को दिखाने पर पाबंदी है तो ऐसे समय में ज्योतिषियों और टैरों कार्ड रीडरों की ओर से चुनावी नतीजों की भविष्यवाणी करना भी कानून का उल्लंघन है। आयोग ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों से कहा कि वे भविष्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबंध की अवधि के दौरान ऐसे कार्यक्रमों का प्रकाशन-प्रसारण न करें।


मीडिया संगठनों को भेजे गए एक परामर्श में आयोग ने जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 126-ए का जिक्र किया। इसमें कहा गया है कि चुनाव आयोग की ओर से अधिसूचित की गई ऐसी अवधि के दौरान कोई व्यक्ति प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए कोई एग्जिट पोल नहीं करेगा और न ही इनके नतीजों को प्रकाशित-प्रसारित करेगा और न ही इसे किसी अन्य तरीके से वितरित करेगा।