अब नहीं लूट सकेंगे होटल-रेस्टोरेंट, सर्विस चार्ज पर देना होगा टैक्स

नई दिल्ली (13 सितंबर): रेस्टोरेंट और होटल खाने के बिल के साथ सर्विस चार्ज लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकते हैं। अगर वो ऐसा करते हैं, तो उनको सर्विस चार्ज पर टैक्स भी देना पड़ सकता है। 

केंद्र सरकार के उपभोक्ता मंत्रालय ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) को पत्र लिखकर के ऐसा करने के लिए कहा है। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है, क्योंकि अभी भी इस तरह की शिकायतें मंत्रालय के पास आ रही है कि सर्विस चार्ज की वसूली रेस्टोरेंट कर रहे हैं। 

सर्विस चार्ज के नाम पर ग्राहकों से बिल का दस फीसदी तक वसूला जाता है। अप्रैल महीने में सरकार ने सर्विस चार्ज जबरदस्ती नहीं लिए जाने का निर्देश जारी किया था। इसके बावजूद नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन को जबरदस्ती सर्विस टैक्स वसूले जाने की शिकायतें मिल रही हैं।

इन शिकायतों को देखते हुए रेस्टोरेंट की अवैध कमाई पर रोकने की तैयारी हो रही है। इसी के तहक उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को सर्विस चार्ज को टैक्स असेसमेंट में शामिल करने पर विचार को कहा है। यानी सर्विस चार्ज की कमाई टैक्स के दायरे में आ सकती है।

उन्होंने ट्वीट किया है, ‘’होटल और रेस्टोरेंट से कहा गया है कि वे बिल में सर्विस चार्ज का कॉलम या तो खाली छोड़ दें या फिर उल्लेख करें कि सर्विस चार्ज स्वैच्छिक है।’’