कानपुर ट्रेन हादसा : पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के लिए बिहार जाएगी NIA की टीम

मोतिहारी ( 18 जनवरी ):यूपी के कानपुर के पास दो बड़े ट्रेन हादसे में 151 लोगों की जान चली गई थी। करीब 200 लोग घायल हुए थे। इस मामले में बिहार के मोतिहारी में तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। बिहार पुलिस के मुताबिक ट्रेन हादसे में पाकिस्तानी स्पाई एजेंसी ISI का हाथ है। इसके इशारे पर ही पटरी के पास विस्फोटक लगाया गया था। बुद्धवार को दो सदस्यीय एनआईए की टीम बिहार जाएगी जहां वह आरोपियों से पूछताछ करेगी और कानपुर रेल हादसे में पाकिस्तान के हाथ होने के सबूत जुटाएगी।

पुलिस अधीक्षक ने पकड़े गए बदमाश मोती पासवान व आदापुर के ही निवासी उमाशंकर प्रसाद व मुकेश यादव के बारे में बताया कि इनके आइएसआइ से संबंध होने के प्रमाण मिले हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम ने सभी से पूछताछ कर ली है। रॉ व एनआइए को इस आशय की सूचना भेजी गई है। बताया कि तीन लोग नेपाल में भी गिरफ्तार किए गए हैं। उनमें नेपाल के कलेया निवासी ब्रजकिशोर गिरी, शंभू उर्फ लड्डू और मोजाहिर अंसारी शामिल हैं। नेपाल पुलिस से जो जानकारी आई है, उसमें बताया गया है कि आइएसआइ ने बिहार में विध्वंसात्मक कार्रवाई का जिम्मा ब्रजकिशोर गिरी को दे रखा था और उसे तीस लाख रुपये भी दिए गए थे।

बताया गया है कि रक्सौल के पुलिस उपाधीक्षक राकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम घोड़ासहन में एक अक्टूबर 2016 को आइईडी लगाए जाने के मामले में लिप्त लोगों की खोज कर रही थी। इस क्रम में तीनों बदमाश पकड़े गए और यह खुलासा हुआ है। नेपाल पुलिस के हत्थे चढ़े यहां के निवासी ब्रजकिशोर गिरी ने पुलिस के सामने इस बात खुलासा किया कि दुबई में बैठे नेपाल के ही समशुल होदा ने आइएसआइ की कमान थाम रखी है। उसी ने घोड़ासहन में रेलगाड़ी व ट्रैक पर बम लगाने को कहा था। यह जिम्मेदारी दी थी कि पूरे जिले के शातिर बदमाशों को एकत्र कर संगठन तैयार करो और बिहार व पड़ोसी इलाकों में विध्वंसात्मक कार्रवाई को अंजाम दिलवाओ। इसके तहत घोड़ासहन में आइईडी प्लांट किया गया। लेकिन, जिन लोगों को रिमोट दबाना था वे उसे नहीं दबा पाए थे। नतीजतन उन्हें बुलाकर मैंने मौत के घाट उतार दिया। विध्वंसात्मक घटनाओं को अंजाम देने के लिए कुल बारह लोगों का गैंग मैंने बनाया था। जिनमें से 6 लोग पकड़े जा चुके हैं। दो की हत्या हो गई और चार बाहर है।