सावधान! ऐसे कर रहे हैं पैमेंट तो हो सकते हैं धोखाधड़ी का शिकार

नई दिल्ली (6 फरवरी): नोटबंदी के बाद से लोगों के पास कैश की कमी हुई, जिस कारण वह ई वॉलेट, नेट बैकिंग, क्रेडिट कार्ड जैसे तरीकों से भगुतान कर रहे हैं। भले ही डिजिटल भुगतान लोकप्रिय होने लगा हो, लेकिन इससे साइबर अपराधियों द्वारा जाली ई-वॉलेट (E-Wallet) के जरिए उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का जोखिम भी बढ़ रहा है।

साइबर सुरक्षा कंपनी कैस्परस्काई के अनुसार, अभी तक इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है लेकिन साइबर अपराधियों द्वारा ऐप स्टोर्स पर फर्जी एप्स डालने की संभावना काफी अधिक है।

- उपभोक्ताओं के बीच डिजिटल भुगतान लोकप्रिय होने लगा हो पर जोखिम हैं

- साइबर अपराधियों द्वारा जाली ई-वॉलेट (E-Wallet) के जरिए धोखा संभव

- साइबर अपराधी ग्राहकों को जाली ऐप डाउनलोड करने के लिए लुभा सकते हैं

- इससे पिछले दरवाजे से इन ऐप्स का स्मार्टफोन में प्रवेश हो जाएगा

कैस्परस्काई लैब दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक अल्ताफ हाल्दे ने कहा, 'डिजिटल भुगतान कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके ऐप्स पर लेनदेन सुरक्षित है। इसके अलावा उपभोक्ताओं के लेनदेन को सुरक्षित करने के लिए सत्यापन जांच भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।'