देवी दुर्गा के 10 रूप, जानिए किसकी साधना से मिलता है क्या लाभ...

नई दिल्ली (7 अक्टूबर): दस महाविद्या को देवी दुर्गा के दस रूप माने जाते हैं। कहा जाता है कि इन महाविद्याओं की शक्तियां ही पूरे संसार को चलाती हैं। देवी दुर्गा के ये सभी स्वरूप तंत्र साधना में बहुत उपयोगी और महत्वपूर्ण माने गए हैं।

देवी काली: माना जाता है मां ने ये काली रूप दैत्यों के संहार के लिए लिया था। जीवन की हर परेशानी व दुःख दूर करने के लिए इनकी आराधना की जाती है।

देवी तारा: सौंदर्य और रूप ऐश्वर्य की देवी तारा आर्थिक उन्नति और भोग के साथ ही मोक्ष देने वाली मानी जाती है।

ललिता मां: ललिता लाल वस्त्र पहनकर कमल पर बैठी हैं। इनकी पूजा समृद्धि व यश प्राप्ति के लिए की जाती है।

माता भुवनेश्वरी: माता भुवनेश्वरी ऐश्वर्य की स्वामिनी हैं। देवी देवताओं की आराधना में इन्हें विशेष शक्ति दायक माना जाता हैं। ये समस्त सुखों और सिद्धियों को देने वाली हैं।

त्रिपुर भैरवी: मां त्रिपुर भैरवी तमोगुण और रजोगुण की देवी हैं। इनकी आराधना विशेष विपत्तियों को शांत करने और सुख पाने के लिए की जाती है।

छिन्नमस्तिका देवी: मां छिन्नमस्तिका की उपासना से भौतिक वैभव की प्राप्ति, वाद विवाद में विजय, शत्रुओं पर जय, सम्मोहन शक्ति के साथ-साथ अलौकिक सम्पदाएं मिलती हैं।

धूमावती देवी: धूमावती देवी का स्वरुप बड़ा मलिन और भयंकर है। दरिद्रता नाश के लिए, तंत्र मंत्र, जादू टोना, बुरी नज़र, हर तरह के भय से मुक्ति के लिए मां धूमावती की साधना की जाती है।

मां बगलामुखी: देवी बगलामुखी शत्रु को खत्म करने वाली देवी हैं। ये अपने भक्तों के भय को दूर करके शत्रुओं और उनकी बुरी शक्तियों का नाश करती हैं।

देवी मातंगी: गृहस्थ सुख, शत्रुओं का नाश, विलास, अपार सम्पदा, वाक सिद्धि। कुंडली जागरण, आपार सिद्धियां, काल ज्ञान, इष्ट दर्शन आदि के लिए मातंगी देवी की साधना की जाती है।

मां कमला: मां कमला धन सम्पदा की अधिष्ठात्री देवी हैं, भौतिक सुख की इच्छा रखने वालों के लिए इनकी आराधना सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।