'करगिल युद्ध में पाक एयरबेस पर बम गिराने ही वाली थी भारतीय एयर फोर्स'

नई दिल्ली (19 जुलाई): 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए करगिल युद्ध के दौरान भारतीय एयर फोर्स पाकिस्तानी एयरबेस पर बम गिराने ही वाली थी। यह हमला पूरी ताकत के साथ पाकिस्तानी सीमा के काफी भीतर स्थित बेस पर होने वाला था।

- मीडिया में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला 13 जून का है जब हमले की सारी तैयारियां कर ली गई थीं। 

-  उस समय एयर फोर्स ने पाक के सारे ठिकानों को अपने निशाने पर ले लिया था।  - 16 विमान एकदम तैयार खड़े थे, हमले का रूट मैप तैयार हो गया था, पायलटों को पर्सनल रिवॉल्वर लोड करने को कह दिया गया था।  - पायलटों के लिए पाकिस्तानी करंसी का भी इंतजाम कर लिया गया था, ताकि अगर उन्हें आपातकालीन स्थिति में इजेक्ट करना पड़ा तो वे वहां से बचकर निकल सकें।

- एयर फोर्स के दस्तावेजों में दर्ज है, 'सरताज अजीज 12 जून को असफल वार्ता के बाद लौट गए थे। सारे पायलटों को शाम चार बजे बुलाया गया था। कमांडर एयर टास्किंग ऑर्डर्स 13 जून को तड़के होने वाले हमलों की योजना के साथ आए थे।'

- यह जानकारी एयर फोर्स की 17 स्क्वॉड्रन की डायरी में दर्ज है।

अगर भारत की ओर से ऐसा भीषण हमला हो जाता तो परमाणु हथियारों से लैस दोनों पड़ोसी देशों में व्यापक जंग छिड़ सकती थी। पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रहे हमलों की वजह से दोनों देशों के तत्कालीन विदेश मंत्रियों जसवंत सिंह और सरताज अजीज के बीच बातचीत भी टूट गई थी। 

इसी के बाद भारतीय एयर फोर्स ने हमले का मन बना लिया था। अजीज को साफतौर पर संदेश दे दिया गया था कि अगर युद्ध रोकना है तो करगिल से पाकिस्तानी घुसपैठियों को हटा लिया जाए, पाक लाइन ऑफ कंट्रोल को फिर से निर्धारित करने की मांग छोड़ दे और कैप्टन सौरभ कालिया समेत 6 भारतीय जवानों को टॉर्चर करने वालों को सजा दी जाए।