मूर्ति विसर्जन: कोलकाता हाईकोर्ट से ममता को झटका, रद्द किया फैसला

कोलकाता (21 सितंबर): मूर्ति विसर्जन मामले को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार को कोलकाता हाईकोर्ट ने एक बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए फैसले को रद्द करते हुए आदेश दिया कि मुहर्रम के दिन भी विसर्जन होगा।

हाईकोर्ट ने पुलिस को मूर्ति और ताजिया के लिए अलग-अलग रूट बनाने के भी निर्देश दिए है। इससे पहले कोर्ट ने आज ही इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि राज्य सरकार ने आखिरी विकल्प का इस्तेमाल सबसे पहले क्यों किया, सरकार को सिलसिलेवार तरीके से कदम उठाने होंगे।

हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार को प्रतिबंध लगाना तो सभी पर क्यों नहीं लगाया। कि सरकार बिना आधार अधिकार का इस्तेमाल कर रही है। इसी के साथ कोर्ट ने कहा कि सरकार कैलेंडर को नहीं बदल सकती है, क्योंकि आप सत्ता में हैं इसलिए दो दिनों के लिए बलपूर्वक आस्था पर रोक नहीं लगा सकते हैं। सरकार को हर हालात के लिए तैयार रहना होगा।

इससे पहले बुधवार को भी हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि, "आप दो समुदायों के बीच दरार पैदा क्यों कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि दुर्गा पूजन और मुहर्रम को लेकर राज्य में कभी ऐसे स्थिति नहीं बनी है। उन्‍हें साथ रहने दीजिए। राज्य सरकार ने विजयदशमी के दिन विसर्जन की समय सीमा जो पहले 6 बजे तक निर्धारित कर दी गयी थी, उसे बढ़ाकर रात 10 बजे तक कर दिया गया था।