VIDEO: 1 रुपए के 4 किलो हुआ टमाटर, किसानों ने ऐसे किया विरोध

दुर्ग, छत्तीसगढ़ (26 दिसंबर): नोटबंदी के बाद देशभर में कैश की भारी किल्लत है। इस नोटबंदी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर हुआ है। एक तरफ जहां कैश की किल्लत की वजह से किसान रबी की फसल की रुआई ठीक से नहीं कर पा रहे हैं वहीं किसान को उनकी तैयार फसलों की सही कीमत नहीं मिल पा रही है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में किसानों का बुरा हाल है। कम कीमत से नाराज हजारों किसानों ने 70 ट्रक टमाटर सड़कों पर फैला दिए। सोमवार सुबह रोज की तरह मंडी में टमाटर लेकर किसान पहुंचे तो बाजार 30 रुपए प्रति भार पर खुला और घटते-घटते 20 रुपए तक पहुंच गया। दो टोकरियों में एक भार (40) टमाटर आता है। यानी रेट हो गया 25 पैसे प्रति किलो। किसानों ने कम कीमत पर नाराजगी जताई और व्यापारियों को टमाटर देने से मना कर दिया। वे एकजुट होकर सड़क पर टमाटर फेंकने लगे। हद तो तब हो गई जब ट्रक में भरकर लाए गए टमाटर भी सड़क पर फेंकने लगे। इससे सड़कों पर एक-एक किलोमीटर तक सिर्फ टमाटर ही टमाटर बिछ गया। टमाटर बिछे होने के कारण तीनों सड़कों पर दो-दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

किसानों का का कहना था कि उन्हें गांव से टमाटर लाने के लिए बाइक में 80 रुपए का पेट्रोल लगता है। उसके बाद  उन्हें प्रति किसान 10 रुपए नगरपालिका शुल्क देना पड़ता है। इस तरह मंडी में माल लाने की लागत भी नहीं निकल पा रही है, इससे किसान नाराज हैं। वहीं व्यापारियों का कहना है कि बाहर के थोक मार्केट में लोकल टमाटर की सप्लाई होने के कारण रेट गिर गया है। इसलिए उन्हें भी कम रेट में टमाटर उठाना पड़ रहा है। ज्यादा कीमत देने पर उन्हें घाटा सहना पड़ेगा।

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