एग्जाम में नकली अंगुली के साथ धरा गया 'मुन्नाभाई'


नई दिल्ली(3 जुलाई): स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की परीक्षा में नकली अंगुली के साथ पहुंचे एक डमी कैंडिडेट को पकड़ा गया। शनिवार को आयोजित परीक्षा में डमी कैंडिडेट की उस वक्त पोल खुल गई, जब तमाम जांच-पड़ताल के बाद बायॉमीट्रिक हाजिरी ली जा रही थी। इस दौरान सभी के सामने आर्टिफिशल अंगुली नीचे गिर गई।


- आरोपी को तुरंत मौके पर ही दबोच लिया गया। फौरन पुलिस को कॉल की गई।


- अलीपुर थाने की पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से आर्टिफिशल अंगुली, ऐडमिट कार्ड और दूसरा सामान रिकवर किया गया है।


- पुलिस अफसरों के मुताबिक, आरोपी की पहचान गाजियाबाद के मोदीनगर निवासी विक्रांत डागर के रूप में हुई है। जिस सेंटर पर एग्जाम चल रहा था, वह जितेंद्र राणा का इंस्टिट्यूट है। यहां लगभग 400 कंप्यूटर लगे हुए हैं। संस्थान का सिफी टेक्नॉलजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा एसएससी एग्जाम के लिए अनुबंध है।


- शनिवार को इंस्टिट्यूट में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के एसआई पोस्ट के लिए एग्जाम था। 2.25 बजे एग्जाम शुरू होना था, 1.15 बजे से एंट्री शुरू कर दी गई थी। कैंडिडेट्स के ऐडमिट कार्ड चेक किए जा रहे थे। उसके बाद ग्राउंड फ्लोर पर चेकिंग हुई। तीसरे चरण में फर्स्ट फ्लोर पर कैंडिडेट की बारी-बारी से लैब में बायॉमीट्रिक चेकिंग की गई।


- बायॉमीट्रिक जांच के दौरान आरोपी विक्रांत डागर के हाथ से नकली प्लास्टिक की अंगुली नीचे गिर गई। स्टाफ ने उसे उठाकर देखा। ऐडमिट कार्ड सोनीपत निवासी सचिन के नाम से था, जिसे वह अपना बता रहा था। जब उसकी तलाशी ली गई तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस मिला, जिसमें नाम और पता कुछ और था। सख्ती से पूछने पर आरोपी ने अपनी असलियत बता दी। उसके बाद एसएससी के अफसरों को कॉल करके आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।