शराब के नशे में कीचड़ में लिपटा मिला यूपी पुलिस का सिपाही

नई दिल्ली (11 अगस्त): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री लगातार प्रदेश में अपराध की रोकथाम के दावे करते रहते हैं और वह कहते हैं की घटनाओ को बाधा चढ़ा कर उजागर करना विरोधियों और मीडिया का काम है। समय समय पर प्रदेश पुलिस के मुखिया जावीद अहमद भी हाईवे प्रटोलिंग और अन्य कार्यक्रमों के जरिये प्रदेश में आपराधिक घटनाओं को रोकने के भरसक प्रयास करते नजर आते हैं, लेकिन सवाल यह है की अपराध क्यों नहीं रुक रहे हैं। ताबड़तोड़ घटनाएं कर अपराधी अब खाकी को चुनौती दे रहे हैं। डीजीपी साहब अपराध रोकने के तो प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यूपी की खाकी पर लगे धब्बों को साफ़ करने की कवायद नहीं कर रहे हैं।

क्या है मामला

ड्यूटी पर तैनात खाकी वरदीधारी ही जब नशे में मदहोश होकर सड़क किनारे पड़े नजर आएंगे तो प्रदेश की जनता अपनी सुरक्षा की गुहार लगाने जायेगी तो आखिर कहाँ ?  खाकी को शर्मसार करने वाला यह मामला है बाराबंकी की नगर कोतवाली इलाके के मालगोदाम रोड पर जाने वाली सड़क का। यहां लोगों की भीड़ के बीच कीचड में लिपटा वर्दी पहने व्यक्ति यूपी पुलिस का आन ड्यूटी सिपाही राम विलास वर्मा है जो बाराबंकी पुलिस लाईन्स से अति संवेदनशील मानी जाने वाली न्यायालय सुरक्षा की ड्यूटी के लिए निकला था। लेकिन ड्यूटी पर न्यायलय न जाकर यह पहुंच गया मदिरालय और फिर क्या था। नशे में मदहोश खाकी का ऐसा रंग चढ़ा की कुछ भी काबू में न रहा, ना तो कदम और न ही जुबान और पास ही में इस सिपाही की वह सरकारी रायफल लावारिस हालात में पडी थी जिसे पुलिस कर्मियों को जनता की सुरक्षा के लिए दिया जाता है।

अब खाकी की इस हालत के लिए कौन जिम्मेदार है यह तो किसी को नहीं पता लेकिन अगर इसी तरह नशे में मदहोश खाकी धारी जनता के रक्षक कीचड में लिपटे पड़े रहेंगे तो नागरिकों की रखवाली कौन करेगा ?