माल्या से वसूले जाएंगे 6000 करोड़, रास्ता साफ

नई दिल्ली ( 19 जनवरी ): डेट रिकवरी ट्रिब्‍यूनल (डीआरटी) ने विजय माल्या से बैंकों को 6,203 करोड़ रुपए के कर्ज की वसूली की प्रक्रिया शुरू करने को अनुमति दे दी है। यह फैसला स्‍टेट बैंक ऑफ की अगुवाई वाले कन्सोर्टियम ने माल्‍या के खि‍लाफ दायर पिटीशन के बाद लि‍या गया है। इससे पहले, माल्‍या ने एक बार में बैंकों को भुगतान करने का प्रस्‍ताव दि‍या था, जिस पर बैंकर्स ने कहा था कि‍ उनका प्रपोजल खोखला है।

एक सरकारी बैंक ने कहा कि‍ इस बार बाजार समर्थन करने के मूड में नहीं है। यकीन है कि‍ हम माल्‍या की प्रॉपर्टी को बेचने में कामयाब रहेंगे। इसका आधार प्रॉपर्टी के सभी वैल्‍युएशन आने के बाद तय होगा। ऑक्‍शन से पहले पार्टि‍यों से बातचीत की जाएगी।

11.5% की ब्याज दर से होगी वसूली

6203 करोड़ रुपए के कर्ज पर बैंक 11.5% प्रति साल की ब्याज दर से वसूली करेंगे। डीआरटी के प्रोजाइडिंग ऑफिसर के. श्रीनिवासन ने कहा, "बैंक माल्या और उनकी कंपनियों UBHL, किंगफिशर फिनवेस्ट और किंगफिशर एयरलाइन्स से 6203 करोड़ रुपए के कर्ज पर 11.5% प्रति साल की ब्याज दर से वसूली की प्राॅसेस शुरू करें।  करीब 3 साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद बैंकों को कर्ज वसूली की मंजूरी मिली है।  

 

इतने कर्जदार हैं माल्या

माल्या पर बैंकों का 9400 करोड़ रुपए बकाया है। उनके खिलाफ 17 बैंकों के कन्सोर्टियम ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल की थी। माल्या की तरफ से कहा गया है कि तेल के रेट बढ़ने, ज्यादा टैक्स और खराब इंजन के चलते उनकी किंगफिशर एयरलाइन्स को 6,107 करोड़ का घाटा उठाना पड़ा था। लोन रिकवरी का केस डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल में चल रहा है।

माल्या ने बैंकों से सेटलमेंट करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सामने 6,868 करोड़ का ऑफर दिया था। इससे पहले माल्या ने 4,400 करोड़ का ऑफर दिया था।