हाईटेक हुई भारतीय रेल, 'ड्रोन कैमरों' से रेलवे ट्रैक्स, प्रोजेक्ट्स की निगरानी

कुंदन सिंह, नई दिल्ली (12 मई): रेलवे बड़े ही हाईटेक तरीके से अपने हर प्रोजेक्ट पर नजर रख रही है। ड्रोन कैमरों की मदद से प्रोजेक्ट की प्रगति से जुड़ी एक-एक तस्वीर रेलवे मुख्यालय में पहुंच रही है।

जिन रेलवे ट्रैक कि सुरक्षा और कामकाज को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं अब आसमान से उन ट्रैक की निगरानी की जाएगी। ये निगरानी करेगा ड्रोन कैमरा। सिर्फ ट्रैक ही नहीं बल्कि सुरंगों से लेकर रेलवे ब्रिज तक की निगरानी यही ड्रोन करेंगे। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर रेलवे स्टेशन पर इसका इस्तेमाल शुरू हो गया है।   ट्रैक पर हो रहे काम की प्रगति और आस पास के हर एक एक्टिविटी को बड़ी ही सावधानी से मॉनिटर करते कैमरे रेलवे की नई पहल है। इस तरह से प्रयास ना केवल इस ज़ोन में बल्कि मध्य रेलवे से लेकर जम्मू कश्मीर के दूर दराज़ जंगलो में भी ये कैमरे रेलवे के कामों का जायजा मिनट टू मिनट दे रहा है। इस तकनीक के इस्तेमला से अधिकारी अपने मुख्यालय में बैठे बैठे  परियोजनाओ की डे टु डे मॉनिटिरंग कर रहे हैं।

ड्रोन के ज़रिए ही ये आसानी से पता लगा लिया जाता है कि रेल प्रोजेक्ट कहां रुका है और कौन सा प्रोजेक्ट कबतक पूरा होगा। या फिर उस परियोजानो के बारे में कहीं रेलवे के अधिकारी या फिर ठेकेदार कोई झुठी रिपोर्ट तो नहीं दे रहा है।

इस तकनीक की शुरुआत उधमपुर-श्रीनगर-बरामुला रेलखंड पर भी किया जा रहा है। जिसमें ड्रोन के साथ साथ सीसीटीवी से राउंड द क्लाक रियल टाइम विजूअल की निगरानी हो रही है। जिसमें टनल ब्रिज, ट्रैक, स्टेशन, यार्ड समेत तमाम जगह शामिल हैं, जो की सुरक्षा से लेकर परियोजना के अहम हिस्से हैं।

रेल मंत्रालय ने इसे लेकर एक अलग सा मॉडल डेवलेप किया है। जिसे पीएमआईएस यानि 'इ-एनेबल्ड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एंड इनफार्मेशन सिस्टम' कहते है। इस तकनीक से रेलवे के सभी प्रोजेक्ट की ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी। इस नई तकनीक से सहारे इन परियोजनाओ का सारा अपडेट अब कोई भी कभी भी ऑनलाइन देख सकता है।